अमेरिका के अंतिम धारा 301 उपायों में भारत को 10% अतिरिक्त शुल्क की निम्न टैरिफ श्रेणी में रखा गया

अमेरिका ने भारत से आयात पर 10% अतिरिक्त शुल्क लगाया, प्रस्तावित 12.5% शुल्क से कम

नई दिल्ली। संयुक्त राज्य व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने 23 जुलाई 2026 को अमेरिकी व्यापार अधिनियम, 1974 की धारा 301 के तहत अंतिम उपायों की घोषणा की है। ये उपाय भारत सहित 60 अर्थव्यवस्थाओं के कृत्यों, नीतियों और प्रथाओं को लेकर यूएसटीआर की जांच के बाद सामने आए हैं। इन उपायों का संबंध बेगार से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने से है।

भारत पर 10% अतिरिक्त यथामूल्य शुल्क

यूएसटीआर ने भारत से होने वाले आयात पर 10% का अतिरिक्त यथामूल्य शुल्क लगाया है। यह शुल्क 2 जून 2026 को प्रस्तावित 12.5% शुल्क से कम है। भारत सरकार ने पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान अमेरिका के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। भारत की ओर से विस्तृत लिखित निवेदन प्रस्तुत किए गए और व्यक्तिगत परामर्श के साथ सार्वजनिक सुनवाई में भी भागीदारी की गई।

भारत के निर्यात को मिली सापेक्ष बढ़त

भारत सरकार के निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप अंतिम उपायों के तहत भारत को अतिरिक्त शुल्कों की निचली श्रेणी में रखा गया है। इससे प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय निर्यात को अन्य कई अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सापेक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार के अनुसार, भारत पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क जांच के दायरे में शामिल अधिकांश अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कम है।

दवाइयों और स्मार्टफोन समेत कई उत्पाद शुल्क के दायरे से बाहर

अमेरिका को भारत से होने वाले निर्यात का एक बड़ा हिस्सा 10% अतिरिक्त शुल्क के दायरे से बाहर रहेगा। इनमें जेनेरिक दवाइयां, स्मार्टफोन और कुछ अन्य विशेष उत्पाद शामिल हैं, जिन पर वर्तमान में कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाएगा। इससे इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारतीय निर्यातकों को राहत मिलने की संभावना है।

स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स पर भी नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क

धारा 232 के तहत पहले से ही शामिल उत्पादों पर भी 10% अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं होगा। इनमें स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स जैसे उत्पाद शामिल हैं। धारा 232 के तहत लगाए गए शुल्क कुछ सीमित अपवादों को छोड़कर लगभग सभी देशों पर लागू होते हैं। इस व्यवस्था के कारण भारत के अमेरिका को होने वाले लगभग 45% निर्यात धारा 301 के तहत लगाए गए 10% अतिरिक्त शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे।

55% निर्यात पर लगेगा 10% अतिरिक्त शुल्क

सरकार के अनुसार, भारत के शेष लगभग 55% निर्यात पर 10% अतिरिक्त शुल्क लागू होगा। हालांकि, भारत पर शुल्क का प्रभाव जांच के दायरे में शामिल अधिकांश अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है। भारत सरकार का कहना है कि अंतिम उपायों में भारत को निचली अतिरिक्त शुल्क श्रेणी में रखा जाना भारतीय निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण सकारात्मक पहलू है।

वस्त्र क्षेत्र के लिए विशेष व्यवस्था अभी लागू नहीं

अंतिम उपायों में उल्लिखित वस्त्र संबंधी विशिष्ट तंत्र को अभी तक स्थापित और कार्यान्वित नहीं किया गया है। भारत इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ लगातार बातचीत कर रहा है। यह बातचीत भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर जारी वार्ताओं के तहत की जा रही है। वस्त्र क्षेत्र से जुड़े निर्यातकों की नजर अब आगे होने वाली बातचीत और प्रस्तावित व्यवस्था के अंतिम स्वरूप पर रहेगी।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को जल्द पूरा करने की प्रतिबद्धता

भारत सरकार ने 2 फरवरी 2026 को घोषित और 7 फरवरी 2026 को जारी संयुक्त वक्तव्य के अनुरूप भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द पूरा कराने की दिशा में अमेरिका के साथ काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार का प्रयास है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत किया जाए तथा भारतीय निर्यातकों के हितों को ध्यान में रखते हुए शुल्क संबंधी मुद्दों का समाधान निकाला जा सके।

भारतीय निर्यात के लिए आगे की बातचीत अहम

अमेरिका द्वारा अंतिम धारा 301 उपायों की घोषणा के बाद भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का महत्व और बढ़ गया है। भारत सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कई प्रमुख भारतीय उत्पादों को अतिरिक्त शुल्क से बाहर रखा गया है, जबकि शेष निर्यात पर 10% अतिरिक्त शुल्क लागू होगा। अब द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर जारी बातचीत में भारत के लिए शुल्क और बाजार पहुंच से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण रहेंगे।

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