नई दिल्ली। देश में स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। योजना के अंतर्गत पिछले 104 दिनों में देशभर में 65 लाख से अधिक सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि अब हर छह दिन में एक लाख से अधिक सोलर सिस्टम स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे स्वच्छ ऊर्जा अपनाने में आम लोगों की बढ़ती भागीदारी और देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा सम्मेलन एवं प्रदर्शनी 2026 के दौरान एक सत्र को संबोधित करते हुए जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत की गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता बढ़कर 310 गीगावाट हो गई है। इसमें सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता लगभग 171 गीगावाट तक पहुंच चुकी है। वर्ष 2014 से पहले देश की सौर ऊर्जा क्षमता महज 2.8 गीगावाट के आसपास थी। इस अवधि में सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है।
मंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा का विस्तार केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे परिवारों को बिजली बिल में राहत, अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने और पर्यावरण संरक्षण के अवसर भी मिल रहे हैं। योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को छतों पर सोलर सिस्टम लगाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। इसका उद्देश्य एक करोड़ घरों को रूफटॉप सोलर से जोड़ना और परिवारों को प्रतिमाह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने में सहायता करना है। योजना के लिए केंद्र सरकार ने 75,021 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता की पात्र घरेलू स्थापना पर अधिकतम 78 हजार रुपये तक की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिल सकती है।
इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में भी सौर ऊर्जा को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत केंद्र की सब्सिडी के साथ दिल्ली सरकार की अतिरिक्त सहायता से नागरिकों का रुझान बढ़ा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने अगले वर्ष मार्च तक दो लाख घरों में सोलर सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।
योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक घरेलू उपभोक्ता राष्ट्रीय पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद उपभोक्ता पंजीकृत विक्रेता का चयन कर अपनी छत पर सोलर सिस्टम लगवा सकते हैं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, रूफटॉप सोलर का विस्तार बिजली की पारंपरिक उत्पादन प्रणालियों पर निर्भरता कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में सहायक हो सकता है। तेजी से बढ़ते सोलर इंस्टॉलेशन से यह भी संकेत मिलता है कि स्वच्छ ऊर्जा अब केवल सरकारी लक्ष्य नहीं, बल्कि आम परिवारों की भागीदारी वाला अभियान बनती जा रही है।
