सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चों ने आनंद आश्रम में बुजुर्गों के साथ बांटी खुशियां, लिया उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद
रायपुर। दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और खुशियां मनाने का अवसर नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा, संवेदना और आत्मीयता बांटने का भी संदेश देता है। इसी भावना को साकार करते हुए सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय, देवेन्द्र नगर रायपुर के विद्यार्थियों ने बढ़ते कदम संस्था द्वारा संचालित वृद्धाश्रम आनंद आश्रम पहुंचकर बुजुर्गों के साथ हर्षोल्लास से दीपावली मनाई।
इस विशेष आयोजन में विद्यार्थियों ने आश्रम में निवासरत बुजुर्गों के साथ आत्मीय समय बिताया और उनके जीवन में खुशियों के रंग भर दिए। बच्चों ने बुजुर्गों के साथ गीत गाए, नृत्य किया, दीप प्रज्वलित किए और आकर्षक रंगोली बनाकर दीपावली की खुशियां साझा कीं। इस अवसर पर फुलझड़ियां जलाकर उत्सव का आनंद लिया गया तथा सभी ने मिलकर मिठाइयों का स्वाद भी लिया।

बच्चों की उत्साहपूर्ण सहभागिता और स्नेहपूर्ण व्यवहार से आनंद आश्रम का वातावरण उल्लास और अपनत्व से भर गया। विद्यार्थियों की उपस्थिति से बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान दिखाई दी। बच्चों ने बुजुर्गों से बातचीत कर उनका स्नेह प्राप्त किया और उनके अनुभवों को भी सुना।

इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय रायपुर के सचिव संजय जोशी ने वृद्धजनों को संबोधित करते हुए कहा कि दीपावली केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने का पर्व नहीं है, बल्कि यह सेवा, संवेदना, प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। समाज के वरिष्ठजनों के साथ समय बिताना और उनके जीवन में प्रसन्नता के क्षण जोड़ना विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संस्कार है।
आश्रम में निवासरत बुजुर्गों ने भी बच्चों को स्नेहपूर्वक आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस आत्मीय मिलन ने विद्यार्थियों को बुजुर्गों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सेवा भाव का महत्व समझाया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए बढ़ते कदम संस्था के अध्यक्ष मुकेश सचदेव, उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश मध्यानी तथा आनंद आश्रम के प्रभारी सुनील नरवानी ने सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय, देवेन्द्र नगर रायपुर के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सामाजिक दायित्व और सेवा भावना विकसित करते हैं। साथ ही आश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को भी परिवार जैसा अपनत्व मिलता है और उनके जीवन में नया उत्साह संचारित होता है।

इस आयोजन ने दीपावली के वास्तविक संदेश को सार्थक करते हुए यह प्रेरणा दी कि त्योहारों की सच्ची खुशी दूसरों के जीवन में मुस्कान और अपनत्व का प्रकाश फैलाने में है।
