नई दिल्ली, 30 जुलाई। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने पैरा एथलेटिक्स के पुरुषों की 100 मीटर टी-47 स्पर्धा के फाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण और रजत दोनों पदक अपने नाम कर इतिहास रच दिया। इस स्पर्धा में भारतीय खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने देश की पदक तालिका को और मजबूत किया है तथा अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर भारत की बढ़ती ताकत को एक बार फिर प्रदर्शित किया है।
पुरुषों की 100 मीटर टी-47 स्पर्धा के फाइनल में भारत के दिलीप महादेव गावित ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 10.71 सेकेंड का समय दर्ज किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं, भारत के ही मोहम्मद बासिल मोरसिंगानकथ ने 10.83 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया। इस तरह इस स्पर्धा में भारत ने स्वर्ण और रजत दोनों पदकों पर कब्जा जमाकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।

इंग्लैंड के केविन संटोस ने इस स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। भारतीय खिलाड़ियों की इस उपलब्धि को राष्ट्रमंडल खेलों में देश के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण माना जा रहा है। दोनों भारतीय एथलीटों ने अपनी शानदार गति और दमदार प्रदर्शन से प्रतियोगिता में देश का गौरव बढ़ाया।

इससे पहले भारत के मुरली श्रीशंकर ने पुरुषों की लंबी कूद प्रतियोगिता में रजत पदक हासिल किया था। इस उपलब्धि के साथ वे राष्ट्रमंडल खेलों की इस प्रतियोगिता में दो बार पदक जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं। श्रीशंकर का प्रदर्शन भी भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की पदक यात्रा में पैरा एथलीटों का योगदान भी लगातार महत्वपूर्ण होता जा रहा है। दिलीप महादेव गावित का स्वर्ण पदक भारत के लिए इन खेलों का तीसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले मीराबाई चानू और शर्मिला धनखड़ ने स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था।
ताजा पदक तालिका के अनुसार, भारत ने अब तक 3 स्वर्ण, 9 रजत और 3 कांस्य सहित कुल 15 पदक हासिल किए हैं और पदक तालिका में आठवें स्थान पर बना हुआ है। भारतीय खिलाड़ियों का लगातार शानदार प्रदर्शन आने वाले मुकाबलों में देश की पदक संख्या बढ़ने की उम्मीदों को मजबूत कर रहा है।
पैरा एथलेटिक्स में एक ही स्पर्धा में स्वर्ण और रजत पदक जीतना भारतीय खेल जगत के लिए विशेष उपलब्धि है। यह सफलता न केवल खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रतिभा को दर्शाती है, बल्कि देश में पैरा खेलों को मिल रहे बढ़ते प्रोत्साहन और बेहतर खेल सुविधाओं के सकारात्मक परिणाम को भी सामने लाती है।
दिलीप महादेव गावित और मोहम्मद बासिल मोरसिंगानकथ की इस ऐतिहासिक सफलता ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के अभियान को नई ऊर्जा दी है। दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से देशभर में उत्साह का माहौल है और खेल प्रेमी भारतीय दल से आगे भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।
