नई दिल्ली, 30 जुलाई। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (आईएमसी) 2026 के 10वें संस्करण की थीम का शुभारंभ किया। एशिया के सबसे बड़े डिजिटल प्रौद्योगिकी मंचों में शामिल इंडिया मोबाइल कांग्रेस का 10वां संस्करण 7 से 10 अक्टूबर 2026 तक नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष कार्यक्रम की थीम ‘सीमाओं के बिना विस्तार’ रखी गई है, जो भारत की दूरसंचार तकनीक, नवाचार और डिजिटल समाधानों को राष्ट्रीय सीमाओं से आगे वैश्विक स्तर तक पहुंचाने की महत्वाकांक्षा को दर्शाती है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आयोजन दूरसंचार विभाग और सेलुलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से किया जा रहा है। इस आयोजन में दुनिया भर के प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, दूरसंचार ऑपरेटर, नवाचारकर्ता, स्टार्टअप, निवेशक, शोधकर्ता और नीति निर्माता एक मंच पर जुटेंगे। इसका उद्देश्य भारत के डिजिटल परिवर्तन के अगले चरण को गति देना और भविष्य की तकनीकों के विकास के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है।
इस अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि ‘सीमाओं के बिना विस्तार’ की थीम भारत की उस सोच को प्रतिबिंबित करती है, जिसके तहत दूरसंचार नवाचारों, अत्याधुनिक तकनीकों और डिजिटल समाधानों को वैश्विक लाभ के लिए राष्ट्रीय सीमाओं से आगे ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि भारत की दूरसंचार यात्रा अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है, जहां स्वदेशी नवाचारों के निर्यात के साथ-साथ वैश्विक प्रौद्योगिकी मानकों को आकार देने पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

उन्होंने भारत में दूरसंचार क्षेत्र के तेजी से हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि लगभग 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश और करीब पांच लाख दूरसंचार टावरों की स्थापना के माध्यम से ढाई वर्षों के भीतर लगभग 5 करोड़ लोग 5जी सेवाओं से जुड़ चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में 6जी तकनीक भौतिक, डिजिटल और खुफिया पारिस्थितिकी तंत्र को एकीकृत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। भारत का लक्ष्य इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना है।
सिंधिया ने भारत 6जी गठबंधन, दूरसंचार विनिर्माण के लिए उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना और संचार साथी पोर्टल जैसी पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों से देश में नवाचार, घरेलू विनिर्माण और डिजिटल सुरक्षा को मजबूती मिल रही है। भारत तेजी से एक ऐसे डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर रहा है, जिसमें स्वदेशी तकनीक और वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा दोनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में 5जी, 6जी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, उपग्रह संचार, क्लाउड और एज कंप्यूटिंग, क्वांटम तकनीक तथा हरित तकनीक जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इससे भारत में विकसित हो रही नई तकनीकों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने और संभावित निवेशकों तथा साझेदारों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
संचार और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने कहा कि पिछला दशक भारत के दूरसंचार क्षेत्र के लिए अभूतपूर्व उपलब्धियों वाला रहा है। उन्होंने कहा कि इंडिया मोबाइल कांग्रेस देश की दूरसंचार उपलब्धियों और तकनीकी क्षमता को दुनिया के सामने रखने के लिए एक महत्वपूर्ण वैश्विक मंच बन चुका है।
उन्होंने कहा कि आईएमसी सरकार और उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह मंच स्टार्टअप को अपने नवाचार दुनिया के सामने प्रस्तुत करने, निवेशकों को भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ने और उद्योग जगत को नई तकनीकों के विकास के लिए सहयोग करने का अवसर प्रदान करता है। आईएमसी 2026 के जरिए भारत की डिजिटल यात्रा को वैश्विक विस्तार देने और भविष्य की तकनीकों में देश की भूमिका को और मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।
