बर्फीले और दुर्गम क्षेत्रों के लिए विशेष व्यवस्था, 31 अगस्त तक नागरिक दे सकेंगे डिजिटल जानकारी
नई दिल्ली, 17 अगस्त 2026। जम्मू-कश्मीर और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के बर्फबारी वाले तथा दुर्गम क्षेत्रों में जनगणना 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इन क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुविधा और प्रतिकूल मौसम के कारण उत्पन्न होने वाली चुनौतियों को देखते हुए आज से स्व-गणना की विशेष सुविधा शुरू कर दी गई है। नागरिक 31 अगस्त तक डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करा सकेंगे।
इन क्षेत्रों में जनगणना का पहला चरण एक सितंबर से शुरू होगा। इसके तहत 1 से 30 सितंबर तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर जनसंख्या संबंधी जानकारी एकत्र करेंगे। स्व-गणना की सुविधा शुरू किए जाने का उद्देश्य लोगों को घर-घर गणना शुरू होने से पहले ही अपनी जानकारी स्वयं उपलब्ध कराने का अवसर देना है।
अधिकारियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कई पहाड़ी इलाकों में सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी होती है। इसके कारण अनेक क्षेत्र कई महीनों तक देश के अन्य हिस्सों से संपर्क से कट जाते हैं। ऐसे में सामान्य समय-सारणी के अनुसार जनगणना कराना कठिन हो सकता है। इसी भौगोलिक और मौसमी परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए इन बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना कार्यक्रम देश के अन्य हिस्सों की तुलना में पहले निर्धारित किया गया है।
जनगणना संचालन निदेशक अमित शर्मा ने बताया कि स्व-गणना के माध्यम से निवासियों को घर-घर जाकर होने वाली जनसंख्या गणना से पहले डिजिटल रूप से अपनी जानकारी दर्ज करने का अवसर मिलेगा। इससे प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
जनगणना में इस बार नागरिकों से जनसांख्यिकीय विवरण, परिवार से संबंधित जानकारी, प्रजनन दर, व्यवसाय सहित विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पहलुओं से जुड़े करीब 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। जनगणना 2027 की खास बात यह है कि इसमें जाति संबंधी जानकारी भी शामिल की गई है।
स्व-गणना के बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गणनाकर्मी घर-घर पहुंचकर आवश्यक जानकारी का सत्यापन और संकलन करेंगे। दुर्गम क्षेत्रों में समय पर प्रक्रिया पूरी करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
देश के अन्य हिस्सों में जनगणना 2027 के दूसरे चरण की जनसंख्या गणना सितंबर 2026 में शुरू होगी। इस प्रकार जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फबारी वाले क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से पहले चरण की प्रक्रिया शुरू करना केंद्र सरकार की ओर से भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप तैयार की गई विशेष व्यवस्था है।

जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की जनसंख्या, सामाजिक संरचना, रोजगार, परिवार और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की तस्वीर प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इसलिए सरकार ने नागरिकों से स्व-गणना की सुविधा का उपयोग कर सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की है।
