भौतिक प्रगति के साथ परंपरा और मानवीय मूल्यों को सहेजकर रखना ही सच्चा विकास: टंक राम वर्मा

बिलासपुर, 16 अगस्त 2026। बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत ग्राम कड़ार में आयोजित भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने डॉ. खूबचंद बघेल और स्वामी आत्मानंद महाराज जैसी महान विभूतियों के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि दुनिया में लाखों लोग जन्म लेते हैं, लेकिन अमर वही होते हैं जो अपने सत्कर्मों से समाज का निर्माण करते हैं और इतिहास रचते हैं।

इस अवसर पर मंत्री ने 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ निर्माण की पृष्ठभूमि का स्मरण करते हुए कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का सपना देखा गया था और निरंतर प्रयासों के बाद पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2000 में इस सपने को साकार किया। उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण के बाद प्रदेश ने विकास की दिशा में लगातार प्रगति की है।

मंत्री वर्मा ने कहा कि आज सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी से काम हो रहा है। छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा और राजस्व का उपयोग प्रदेश के सर्वांगीण विकास में किया जा रहा है। इससे गांवों तक बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है और आम लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है।

कृषि आधारित समाज से व्यवसाय और रोजगार की ओर बढ़ा छत्तीसगढ़

सामाजिक बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि कभी पूरी तरह कृषि पर आधारित प्रदेश का समाज अब व्यवसाय, व्यापार और नौकरी के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ा है। लोगों के रहन-सहन का स्तर बदला है और उनकी क्रय शक्ति बढ़ी है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के लिए कभी साइकिल भी बड़ी उपलब्धि थी, वे आज दोपहिया, चारपहिया वाहनों और हवाई यात्रा जैसी सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि गांव-गांव में स्कूल, हायर सेकेंडरी विद्यालय और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ी है। कई स्थानों पर लोगों को अपने गांव या आसपास के क्षेत्र में ही आवश्यक सुविधाएं मिल रही हैं। यह बदलाव प्रदेश में हो रही भौतिक प्रगति को दर्शाता है।

संस्कारों के बिना जीवन अधूरा

मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि भौतिक विकास के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी है। आधुनिकता के दौर में गांव-घर के पारस्परिक प्रेम और पारिवारिक मर्यादाओं पर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे समय में अपनी प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों को बनाए रखना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि संस्कारों के बिना जीवन अधूरा है। हमें ऐसा समाज बनाना होगा, जहां आपसी प्रेम, भाईचारा, संवेदनशीलता और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की भावना हमेशा जीवंत रहे। विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब भौतिक प्रगति के साथ मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को भी मजबूती मिले।

वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव से मिलती है प्रेरणा: धरमलाल कौशिक

कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं विधायक धरमलाल कौशिक ने वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन और जीवन अनुभवों की महत्ता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं का जीवन अनुभवों से भरा होता है। उनके अनुभवों से सीखकर, समझकर और अध्ययन के माध्यम से संगठन तथा समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

उन्होंने कहा कि पृथक छत्तीसगढ़ के निर्माण के बाद से प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। दूर-दराज के क्षेत्रों तक भौतिक साधनों और बुनियादी सुविधाओं की पहुंच ने आम नागरिकों के जीवन को सुगम बनाया है।

सामुदायिक भवन से ग्रामीणों को मिलेगी सुविधा

ग्राम कड़ार में 20 लाख रुपये की लागत से बनने वाला सामुदायिक भवन ग्रामीणों के लिए विभिन्न सामाजिक और सामुदायिक आयोजनों में उपयोगी साबित होगा। भूमिपूजन कार्यक्रम में क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी, सरपंच ब्रजेश दुबे, जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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