जिम्बाब्वे में करिबा झील नौका हादसा: मृतकों की संख्या 84 हुई

क्षमता से अधिक यात्रियों से भरी नौका तेज लहरों में पलटी, 77 लोगों को बचाया गया

हरारे, 17 अगस्त 2026। जिम्बाब्वे में करिबा झील में पिछले सप्ताह हुए भीषण नौका हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 84 हो गई है। क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर जा रही नौका तेज लहरों की चपेट में आने के बाद पलट गई थी। हादसे के बाद से लगातार राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, नौका में कुल 153 यात्री सवार थे। पिछले सप्ताह मंगलवार को करिबा झील में तेज लहरों के कारण नौका अपना संतुलन खो बैठी और पलट गई। हादसे के बाद बड़ी संख्या में यात्री झील में गिर गए। राहत एवं बचाव दलों ने तत्काल अभियान शुरू किया और कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

पुलिस ने बताया कि अभियान के दौरान कई शव बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या पहले के 72 से बढ़कर 84 हो गई है। अधिकारियों को आशंका है कि तलाशी अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या में और बदलाव हो सकता है।

जिम्बाब्वे की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, हादसे में अब तक 77 लोगों को बचा लिया गया है। बचाए गए लोगों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई है। हादसे के बाद से लापता यात्रियों की तलाश के लिए राहत दल झील के विभिन्न हिस्सों में अभियान चला रहे हैं।

नौका की क्षमता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार नौका में अधिकतम 90 लोगों को ले जाने की अनुमति थी, लेकिन नवीनतम आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि हादसे के समय उस पर 153 यात्री सवार थे। यदि यह आंकड़ा सही है तो नौका निर्धारित क्षमता से काफी अधिक यात्रियों को लेकर चल रही थी। अधिकारियों की ओर से हादसे के कारणों और नौका में यात्रियों की संख्या की विस्तृत जांच की जा रही है।

करिबा झील जिम्बाब्वे और जाम्बिया के बीच स्थित है और क्षेत्र की प्रमुख जल संरचनाओं में शामिल है। आयतन के हिसाब से इसे दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झीलों में गिना जाता है। इसका निर्माण 1950 के दशक के अंत और 1960 के दशक की शुरुआत में जाम्बेजी नदी पर बांध बनाए जाने के बाद हुआ था।

करिबा झील 200 किलोमीटर से अधिक लंबी है और कुछ स्थानों पर इसकी चौड़ाई करीब 40 किलोमीटर तक पहुंचती है। विशाल जल क्षेत्र होने के कारण यहां मौसम और जल की स्थिति में अचानक बदलाव नौका संचालन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। राहत दलों के साथ पुलिस और अन्य एजेंसियां भी तलाशी अभियान में जुटी हैं। दुर्घटना के कारणों के साथ-साथ नौका की क्षमता, सुरक्षा नियमों के पालन और यात्रियों की वास्तविक संख्या की जांच भी की जा रही है।

इस भीषण हादसे ने झील में यात्री नौकाओं की सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को ले जाने के जोखिम को एक बार फिर सामने ला दिया है। प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों की तलाश की जा रही है।

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