राजनांदगांव। सावन के अंतिम सोमवार की पूर्व संध्या पर शहर के प्रसिद्ध मां पाताल भैरवी मंदिर में 108 फीट ऊंचे शिवलिंग का भव्य महाभिषेक किया गया। अद्भुत धार्मिक आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर पहुंचे।
विशाल शिवलिंग के अभिषेक के लिए 120 फीट ऊंची क्रेन की सहायता ली गई। करीब 20 फीट ऊंचे कलश को क्रेन के माध्यम से शिवलिंग के शीर्ष तक पहुंचाया गया, जिसके बाद जल, दूध, चंदन, हल्दी, गुलाल और अबीर से महाभिषेक किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठा।

शिवलिंगाकार मां पाताल भैरवी मंदिर अपनी अनूठी स्थापत्य और धार्मिक विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के गर्भगृह में मां पाताल भैरवी विराजमान हैं। मध्य भाग में मां त्रिपुर राज सुंदरी के साथ नवदुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित हैं, जबकि मंदिर के शीर्ष पर द्वादश ज्योतिर्लिंग विराजमान हैं। मंदिर के सामने भगवान नंदी की प्रतिमा स्थापित है।
पिछले तीन वर्षों से सावन माह में तथागत पांडेय, उनकी युवा टीम और मां पाताल भैरवी मंदिर समिति के संयुक्त तत्वावधान में इस महाभिषेक का आयोजन किया जा रहा है। आयोजक तथागत पांडेय ने बताया कि आयोजन को श्रद्धालुओं का लगातार जनसहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 108 फीट ऊंचे शिवलिंग के महाभिषेक के लिए भिलाई से सेवा भावना के तहत क्रेन उपलब्ध कराई जाती है।
महाभिषेक के दौरान धार्मिक अनुष्ठान के साथ लेजर लाइट शो भी आकर्षण का केंद्र रहा। लेजर लाइट के जरिए आकाश में देवी-देवताओं की आकृतियां प्रदर्शित की गईं। आसमान में दिखाई दे रहे इन भव्य और मनोहारी दृश्यों को श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ देखा और मोबाइल कैमरों में कैद किया।
