उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु में देश का पहला गैर-जीएमओ उच्च-गुणवत्ता वाला पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज जारी किया। उन्होंने इसे कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश सहित आठ राज्यों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले किसानों और गॉरमेट पॉपकॉर्निका से जुड़े भागीदारों को सम्मानित किया गया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसान राष्ट्र की रीढ़ हैं और कृषि ने भारत की सभ्यता एवं सांस्कृतिक जीवन को आकार दिया है। उन्होंने कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्वदेशी बीजों के विकास के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न मक्के के लिए आयातित हाइब्रिड तकनीक पर निर्भर रहा है। नई स्वदेशी हाइब्रिड तकनीक इस निर्भरता को कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने गॉरमेट पॉपकॉर्निका और किसानों को वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखने वाला स्वदेशी बीज विकसित करने के लिए बधाई दी।

उपराष्ट्रपति ने पीएम-किसान, पीएम फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन और नमो ड्रोन दीदी जैसी किसान-केंद्रित पहलों की सराहना की। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी पहलों की भी प्रशंसा की।
उन्होंने बताया कि आठ राज्यों के 17,500 से अधिक किसान लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर खेती करते हुए गॉरमेट पॉपकॉर्निका की यात्रा का हिस्सा बने हैं। उन्होंने एसबीपी पट्टाभि रामाराव और गॉरमेट पॉपकॉर्निका की स्थानीय उद्यम से पॉपकॉर्न मक्का प्रसंस्करण के प्रमुख उद्यम तक की यात्रा की सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसानों की मेहनत, वैज्ञानिकों के शोध और उद्यमियों के प्रयासों से विकसित आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत के निर्माण का आधार बनेगी। उन्होंने कहा कि मुसुनुरु की पहल नवाचार, उद्यमशीलता और किसान साझेदारी के माध्यम से मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कृषि क्षेत्र के निर्माण का उदाहरण है।
उपराष्ट्रपति ने गॉरमेट पॉपकॉर्निका फैक्ट्री और कोल्ड स्टोरेज का भी दौरा किया तथा मक्का प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग और भंडारण की जानकारी ली।
कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, मंत्री नारा लोकेश, किंजरापु अचन्नाइडु और कोलुसु पार्थसारथी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं गॉरमेट पॉपकॉर्निका के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
