शहरी सड़कों को धूलमुक्त और हरित बनाने इंजीनियरों को दिया विशेष प्रशिक्षण

रायपुर, 05 सितंबर 2026। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीआरआरआई) ने नई दिल्ली में दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शहरी सड़कों को वैज्ञानिक तरीके से पक्का करने, हरित बनाने और सड़क की धूल से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के मानक ढांचे को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तकनीकी क्षमता विकसित करना था।

एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीआरआरआई के वैज्ञानिकों और क्षेत्र विशेषज्ञों ने इंजीनियरों को शहरी सड़क विकास, फुटपाथ निर्माण, सड़क डिजाइन और पर्यावरणीय प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। प्रशिक्षण में सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ क्षेत्र स्तर पर योजना बनाने और मानकों के अनुरूप सड़क विकास को लागू करने की तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान सड़क के कैरिजवे डिजाइन, सड़क की चौड़ाई एवं क्रॉस सेक्शन, डेटा तैयार करने के प्रारूप, सार्वजनिक परिवहन, गैर-मोटर चालित परिवहन, पैदल यात्रियों की सुविधा, सड़क सुरक्षा तथा बुनियादी ढांचे के एकीकरण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया। प्रशिक्षण का मुख्य फोकस इस बात पर रहा कि सड़क निर्माण और पुनर्विकास के दौरान वैज्ञानिक डिजाइन तथा पर्यावरणीय उपायों को एक साथ कैसे लागू किया जाए।

सीआरआरआई और सीएक्यूएम की पहल का व्यापक उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर में सड़क की धूल को कम करने के साथ शहरी परिवहन ढांचे को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल बनाना है। सीएक्यूएम के मानक ढांचे में सड़क के अधिकार क्षेत्र के भीतर हरित उपायों के माध्यम से धूल नियंत्रण, वैज्ञानिक सड़क क्रॉस सेक्शन, बेहतर रखरखाव व्यवस्था और आधुनिक सड़क निर्माण तकनीकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।

विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि सड़क की धूल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। ऐसे में केवल नियमित सफाई या पानी के छिड़काव तक सीमित रहने के बजाय सड़क डिजाइन, पक्की सतह, फुटपाथ, हरित पट्टी, जल निकासी और रखरखाव व्यवस्था को वैज्ञानिक तरीके से विकसित करना जरूरी है। सीआरआरआई द्वारा तैयार किए जा रहे तकनीकी समाधान इसी दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर में सड़क विकास को वैज्ञानिक आधार देने के लिए सीआरआरआई पहले भी विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। जून 2026 में उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग और सीआरआरआई के बीच शहरी सड़कों को पक्का और हरित बनाने के लिए समझौता हुआ था। इसी तरह हरियाणा सरकार के साथ भी सड़क की धूल कम करने और टिकाऊ शहरी सड़क ढांचा विकसित करने के लिए समझौता किया गया। इन पहलों में सड़क के वैज्ञानिक क्रॉस सेक्शन, हरित उपाय, रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम और नई निर्माण तकनीकों को शामिल किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में इस दिशा में तकनीक आधारित निगरानी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। अगस्त 2026 में सीआरआरआई ने स्वदेशी नेटवर्क सर्वे वाहन के माध्यम से शहरी सड़कों का क्षेत्र सर्वेक्षण शुरू किया। यह वाहन सड़क की स्थिति, सतह की खराबी, सड़क की समतलता, जल निकासी और अन्य परिसंपत्तियों का वैज्ञानिक एवं डेटा आधारित आकलन करने में सक्षम है। इससे सड़क रखरखाव की प्राथमिकताएं तय करने और टिकाऊ सड़क निर्माण की योजना बनाने में मदद मिलेगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि इंजीनियरों और सड़क निर्माण से जुड़ी एजेंसियों की तकनीकी क्षमता बढ़ने से सीएक्यूएम के मानकों को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार, रखरखाव की लागत में कमी, सड़क सुरक्षा में वृद्धि और धूल प्रदूषण में कमी लाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सीएसआईआर-सीआरआरआई की यह पहल दिल्ली-एनसीआर में स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहरी परिवहन ढांचे के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वैज्ञानिक सड़क डिजाइन, हरित उपायों और आधुनिक तकनीक के समन्वय से न केवल सड़कों की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि क्षेत्र की समग्र वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में भी योगदान मिलेगा।

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