जल शक्ति मंत्रालय ने ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का गान किया जारी, शंकर महादेवन ने दी आवाज

नई दिल्ली। जल शक्ति मंत्रालय ने ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में एक और पहल करते हुए अभियान का आधिकारिक गान जारी किया है। प्रसिद्ध गायक एवं संगीतकार शंकर महादेवन की आवाज में तैयार यह गीत देशभर में जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के संदेश को लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। गान का उद्देश्य नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ वर्षा की प्रत्येक बूंद को सहेजने के लिए सामूहिक भागीदारी को बढ़ावा देना है।

मंत्रालय के अनुसार, ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान का केंद्र वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण है। इसके तहत वर्षा जल को स्थानीय स्तर पर संरक्षित करने तथा भूजल स्तर को बढ़ाने वाली संरचनाओं के निर्माण और पुनरुद्धार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान में सरकारी संस्थानों के साथ-साथ आम नागरिकों, स्थानीय समुदायों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न संस्थाओं की भागीदारी पर जोर दिया गया है।

अभियान के गान के माध्यम से जल संरक्षण के संदेश को संगीत और जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया गया है। मंत्रालय का कहना है कि गीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल संरक्षण संबंधी संदेश को गांवों, कस्बों, विद्यालयों, संस्थानों और घरों तक पहुंचाने में मदद करेगा। विशेष रूप से युवाओं को जल संरक्षण का दूत बनने के लिए प्रेरित करना इस पहल का महत्वपूर्ण उद्देश्य है।

देश के कई हिस्सों में भूजल स्तर और जल उपलब्धता को लेकर सामने आने वाली चुनौतियों के बीच वर्षा जल का संरक्षण महत्वपूर्ण माना जाता है। मानसून के दौरान बड़ी मात्रा में उपलब्ध होने वाले पानी को संरक्षित कर उसका उपयोग भूजल पुनर्भरण और स्थानीय जल जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकता है। इसी सोच के साथ अभियान के अंतर्गत जल संचयन से जुड़ी संरचनाओं के निर्माण के साथ पहले से मौजूद संरचनाओं के पुनरुद्धार पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

मंत्रालय ने नागरिकों से जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाने की अपील की है। अभियान का संदेश है कि वर्षा के समय बचाई गई प्रत्येक बूंद भविष्य में जल उपलब्धता को मजबूत करने में योगदान दे सकती है। स्थानीय स्तर पर तालाबों, कुओं, जलाशयों और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा वर्षा जल को जमीन में पहुंचाने वाली व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाने से जल सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है।

गान में जनभागीदारी को अभियान के केंद्र में रखते हुए जल संरक्षण को दैनिक जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने का संदेश दिया गया है। मंत्रालय के अनुसार, जल संरक्षण का प्रभाव केवल वर्तमान जल जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने से भी जुड़ा है।

‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के माध्यम से सरकार का लक्ष्य जल संरक्षण को व्यापक सामाजिक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है। गान इस अभियान के संदेश को सरल, प्रभावी और भावनात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। मंत्रालय ने उम्मीद जताई है कि देशभर में नागरिकों की भागीदारी से वर्षा जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के प्रयासों को और गति मिलेगी तथा जल-सुरक्षित भविष्य के निर्माण में सामूहिक प्रयास मजबूत होंगे।

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