नई दिल्ली। डाक विभाग के अखिल भारतीय कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने इंडिया पोस्ट को आधुनिक और नागरिक-केंद्रित सेवा नेटवर्क के रूप में विकसित करने के लिए सरकार के प्रयासों की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि डाक विभाग की भूमिका पारंपरिक पत्र वितरण से आगे बढ़कर नागरिकों तक विभिन्न आवश्यक सेवाएं पहुंचाने वाले व्यापक नेटवर्क के रूप में विकसित हुई है।
डाक कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने 14 सितंबर को नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात की। बैठक में इंडिया पोस्ट के सेवा विस्तार के साथ कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।

प्रतिनिधियों ने पिछले एक दशक के दौरान डाक सेवाओं में हुए विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंडिया पोस्ट अब तेज डाक वितरण के साथ आधार कार्ड से संबंधित सुविधाएं, पैन और पासपोर्ट सेवाएं तथा घर-घर बैंकिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक नेटवर्क के माध्यम से बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं की पहुंच बढ़ने को भी महत्वपूर्ण बदलाव बताया गया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इंडिया पोस्ट के परिवर्तन की झलक डाकिए की बदलती भूमिका में दिखाई देती है। आज डाक कर्मचारी केवल पत्र और पार्सल पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग और अन्य आवश्यक नागरिक सेवाएं सीधे लोगों के घर तक पहुंचाने में भी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में फैला डाक विभाग का नेटवर्क सरकार और नागरिकों के बीच अंतिम छोर तक संपर्क स्थापित करने की महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्ति है।
केंद्रीय मंत्री ने इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और डोरस्टेप बैंकिंग के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गांवों और घरों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाना आसान हुआ है। पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जैसी सुविधाओं ने पेंशन संबंधी सेवाओं को भी अधिक सुगम बनाया है।

बैठक में कोविड-19 महामारी के दौरान डाक कर्मचारियों की भूमिका को भी याद किया गया। देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान डाक नेटवर्क के माध्यम से नागरिकों तक बैंकिंग सेवाएं और नकदी पहुंचाई गई। डाक वाहनों और बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल आवश्यक चिकित्सा एवं सुरक्षा सामग्री की आपूर्ति और आवाजाही में भी किया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारी संगठनों के सत्यापन और मान्यता, विभागीय मंचों में प्रतिनिधित्व, पेंशनभोगियों से जुड़े मामलों और लंबे समय से लंबित सेवा संबंधी मुद्दों को भी मंत्री के सामने रखा। कुछ कर्मचारी श्रेणियों और सेवा लाभों से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि जिन मामलों में जांच या परीक्षण आवश्यक है, उन पर लागू नियमों और वित्तीय प्रभावों को ध्यान में रखते हुए उचित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत विचार किया जाएगा।

बैठक में डाक नेटवर्क के माध्यम से नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और मजबूत करने तथा सरकारी योजनाओं की अंतिम छोर तक पहुंच बढ़ाने के लिए इसके व्यापक नेटवर्क के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत का अवसर देने के लिए केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त किया।
