भारत-कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की वार्ता को गति देने की प्रतिबद्धता दोहराई

भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर जारी बातचीत को गति देने और इसे जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता दोहराई है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने 18 सितंबर को कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ बैठक कर दोनों देशों के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की। बैठक में CEPA वार्ता की प्रगति और आगे की प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष रूप से विचार किया गया।

भारत और कनाडा ने इस वर्ष मार्च में CEPA के लिए औपचारिक बातचीत शुरू की थी। दोनों देशों ने समझौते को व्यापक और संतुलित स्वरूप देने तथा वर्ष 2026 के अंत तक वार्ता पूरी करने का साझा लक्ष्य निर्धारित किया है। कनाडा सरकार के अनुसार, अब तक तीन दौर की वार्ता पूरी हो चुकी है और चौथा दौर सितंबर में चल रहा है।

CEPA का उद्देश्य वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार के साथ निवेश तथा आर्थिक सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में अवसरों का विस्तार करना है। प्रस्तावित समझौते से दोनों देशों के व्यवसायों को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने, व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने और आपूर्ति शृंखलाओं को अधिक मजबूत बनाने की संभावना है। मई में दोनों देशों के मंत्रियों ने स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, कृषि-खाद्य, उन्नत विनिर्माण, डिजिटल प्रौद्योगिकी और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा की थी।

कनाडा के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत और कनाडा के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 30.4 अरब डॉलर रहा। इसमें 13.6 अरब डॉलर का व्यापार केवल वस्तुओं से संबंधित था। कनाडा ने वर्ष 2030 तक भारत के साथ अपने द्विपक्षीय व्यापार को 70 अरब डॉलर प्रतिवर्ष तक पहुंचाने का लक्ष्य भी सामने रखा है। भारत की ओर से भी दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

इससे पहले मई में पीयूष गोयल की कनाडा यात्रा के दौरान दोनों देशों ने CEPA वार्ता को आगे बढ़ाने और वर्ष के अंत तक समझौता पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई थी। उस दौरान भारत के 100 से अधिक उद्योगों के प्रतिनिधियों वाले व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने भी कनाडा में व्यापार एवं निवेश से जुड़े विषयों पर चर्चा की थी।

भारत और कनाडा के बीच CEPA की प्रक्रिया ऐसे समय आगे बढ़ रही है, जब दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों में नए अवसर तलाश रहे हैं। प्रस्तावित समझौते में बाजार पहुंच के साथ-साथ व्यापार सुगमता, निवेश और विभिन्न आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग के विषय शामिल हैं। मार्च में दोनों देशों ने CEPA के लिए शर्तों और बातचीत की रूपरेखा से संबंधित Terms of Reference पर हस्ताक्षर किए थे।

बैठक के बाद पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत में तेजी लाने और समझौते को शीघ्र पूरा करने के साझा दृष्टिकोण पर आगे बढ़ रहे हैं। भारत और कनाडा के बीच CEPA के अंतिम रूप लेने से वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार, निवेश तथा व्यापक आर्थिक सहयोग के लिए नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

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