बेंगलुरु / मुंबई:
देश की रेल कनेक्टिविटी को एक नया आयाम देते हुए बेंगलुरु और मुंबई के बीच बहुप्रतीक्षित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सेवा की औपचारिक शुरुआत हो गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) बेंगलुरु से इस आधुनिक ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पहल की सराहना की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से कहा कि यह अत्याधुनिक स्लीपर रेलगाड़ी भारत के टेक हब बेंगलुरु और देश की वित्तीय राजधानी मुंबई के बीच दूरी और समय को कम कर अंतर-राज्यीय कनेक्टिविटी में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने रेखांकित किया कि इस सेवा से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र तीनों राज्यों के नागरिकों को व्यापक लाभ मिलेगा। विशेष रूप से युवाओं, आईटी पेशेवरों, व्यापारियों और विद्यार्थियों के लिए यह सेवा अत्यंत सुविधाजनक और समय की बचत करने वाली होगी।
यात्रा का समय, रूट और प्रमुख ठहराव
यह वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस 1,100 किलोमीटर से अधिक की दूरी को लगभग 16 घंटे में तय करेगी। ट्रेन सेवा बेंगलुरु के SMVT स्टेशन से शुरू होकर छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) मुंबई तक जाएगी।
मार्ग में यह ट्रेन हिंदूपुर, अनंतपुर, गुंटकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर, पुणे और कल्याण जैसे महत्वपूर्ण औद्योगिक और तकनीकी शहरों को जोड़ेगी। नियमित वाणिज्यिक सेवाएं सप्ताह में 6 दिन संचालित की जाएंगी।

आधुनिक तकनीक और सुविधाएं
भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा विकसित यह ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है:
- कोच संरचना: इसमें कुल 16 कोच हैं, जिनमें 3-टियर एसी, 2-टियर एसी और 1st एसी की सुविधा शामिल है।
- यात्री सुविधाएं: फर्स्ट एसी डिब्बों में गर्म पानी के शॉवर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। सभी कोचों में बेहतर कुशनिंग वाले बर्थ, ऑटोमैटिक दरवाजे, और आधुनिक नॉइज़ इंसुलेशन तकनीक दी गई है।
- सुरक्षा व्यवस्था: सुरक्षा के दृष्टि से ट्रेन में स्वदेशी ‘कवच’ (Kavach) ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, फायर डिटेक्शन सिस्टम और इमरजेंसी टॉक-बैक सिस्टम लगाए गए हैं।
यह नई वंदे भारत स्लीपर रेलगाड़ी भारत की आधुनिक रेल संरचना और ‘मेक इन इंडिया’ विज़न का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।
