ईपीएफ योजना 2026 के तहत सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र ने ‘ई-सहयोग’ पोर्टल पर नवीनीकृत ऑनलाइन एनआरएल मॉड्यूल का किया शुभारंभ

सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने और आश्रितों के चयन की बाध्यता समाप्त; रियल-टाइम ट्रैकिंग एवं टू-फैक्टर प्रमाणीकरण से लैस प्रणाली

रायपुर, 06 नवंबर 2026। सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना, 2026 के प्रावधानों के अनुरूप अपने ‘ई-सहयोग’ पोर्टल पर नवीनीकृत ऑनलाइन नॉन-रिफंडेबल लोन (एनआरएल) मॉड्यूल का शुभारंभ किया है। इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य संयंत्र के कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि से अग्रिम भुगतान (एडवांस विड्रॉल) की संपूर्ण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, त्वरित और सुगम बनाना है।

इस नवीनीकृत मॉड्यूल का संयुक्त रूप से उद्घाटन कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम तथा कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन) प्रशांत ओझा, मुख्य महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) राजीव महेंद्रू, महाप्रबंधक (सी एंड आईटी) नीना जायसवाल एवं संदीप झा सहित सीपीएफ ट्रस्टी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

संबोधन के दौरान कार्यपालक निदेशक (वित्त एवं लेखा) प्रवीण निगम ने संशोधित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप डिजिटल प्रणाली को त्वरित रूप से अद्यतन करने के सामूहिक प्रयासों की सराहना की। वहीं कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने समर्पित टीम भावना की प्रशंसा करते हुए कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र, नवीनीकृत ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से ईपीएफ योजना, 2026 को सफलतापूर्वक लागू करने वाली स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की पहली इकाई बन गई है।

कार्यक्रम में प्रबंधक (वित्त एवं लेखा) संजोला ने नवीनीकृत मॉड्यूल की मुख्य विशेषताओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि यह प्रणाली पात्र सदस्य शेष राशि (एलिजिबल मेंबर बैलेंस-ईएमबी) के 75 प्रतिशत की स्वतः गणना करती है, जबकि सेवा से पृथक्करण तक न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि को अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखती है। इसके अलावा 1 नवंबर 2026 से स्वीकृत निकासी सीमाओं को नए प्रावधानों के अनुरूप पुनर्निर्धारित किया गया है और पात्र निकासी के मामलों में सहायक दस्तावेज अपलोड करने तथा आश्रितों के चयन की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

कर्मचारियों की डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस मॉड्यूल में सुरक्षित टू-फैक्टर (2FA) ओटीपी प्रमाणीकरण तथा आवेदनों की प्रगति जानने के लिए रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा दी गई है। इस इन-हाउस मॉड्यूल का तकनीकी विकास महाप्रबंधक (सी एंड आईटी) संदीप झा के नेतृत्व में वरिष्ठ प्रबंधक (सी एंड आईटी) इरफान सिद्दीकी द्वारा किया गया, जिसमें वित्त-सीपीएफ विभाग ने नीतिगत एवं परिचालन सहयोग प्रदान किया। यह पहल संयंत्र की डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन कार्ययोजना को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक अहम कदम है।

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