पूर्व में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद दोबारा आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप, व्हाट्सएप स्टेटस पर कलेक्टर और एसडीएम के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी का मामला
शिकायतकर्ता की शिकायत पर दर्ज हुआ था अपराध, मोबाइल फोन जब्त; सरपंच ने पहले पोस्ट को बेटे की गलती बताया था
दुर्ग, 06 नवंबर 2026। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने और पूर्व में कराई गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत बाउंड ओवर की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में दुर्ग जिले के ग्राम समोदा के सरपंच अरुण गौतम को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलगांव थाना पुलिस की इस कार्रवाई को दुर्ग पुलिस ने छत्तीसगढ़ में अपनी तरह की पहली कार्रवाई बताया है। आरोपी पर व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से प्रशासनिक राजस्व अधिकारियों के संबंध में कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने का आरोप है।
दुर्ग पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम समोदा निवासी जितेंद्र देशमुख ने अरुण गौतम के खिलाफ लिखित शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सरपंच ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के संबंध में आपत्तिजनक भाषा और सामग्री पोस्ट की थी। इस मामले में अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग से प्राप्त ज्ञापन के आधार पर थाना पुलगांव में अपराध क्रमांक 950/26 दर्ज किया गया। आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और कथित पोस्ट करने में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को जब्त कर लिया। मामले में उपलब्ध शिकायत, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों के आधार पर विवेचना की जा रही है।
पहले भी हो चुकी थी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, अरुण गौतम के विरुद्ध पूर्व में भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी। इस दौरान उनसे बाउंड ओवर कराया गया था, जिसके तहत भविष्य में शांति व्यवस्था भंग करने अथवा ऐसी गतिविधियों की पुनरावृत्ति नहीं करने की शर्तें लागू थीं। इसके बावजूद दोबारा आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट किए जाने की शिकायत सामने आई। पुलिस ने इसे बाउंड ओवर की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की।
बाउंड ओवर के उल्लंघन पर कार्रवाई के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी दुर्ग के न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। इसके बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कराया गया। पुलिस का कहना है कि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बाद भी शर्तों का उल्लंघन करने पर इस तरह की कार्रवाई कानून के पालन और शांति व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
सरपंच ने पहले दी थी अपनी सफाई
इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद अरुण गौतम ने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया था कि उनके आठ वर्षीय बेटे ने गलती से एक संदेश व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा दिया था। जानकारी मिलने पर उन्होंने तत्काल उसे हटा दिया था। हालांकि, पुलिस ने शिकायत और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई और गिरफ्तारी की कार्रवाई की। सरपंच की इस सफाई और पोस्ट से संबंधित परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से पोस्ट करने की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी व्यक्ति अथवा अधिकारी के संबंध में आपत्तिजनक या कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री पोस्ट करने से बचें। प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के तहत कराए गए बाउंड ओवर की शर्तों का पालन करें। कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
