नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब नशे के कारोबार पर निर्णायक प्रहार का संकल्प, दिसंबर 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य
उत्तराखंड पुलिस को प्रदान किया राष्ट्रपति पुलिस कलर, यह सम्मान पाने वाला देश का 16वां पुलिस बल बना
देहरादून, 06 नवंबर 2026। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत नक्सलवाद की समस्या से मुक्त हो गया है। पांच दशक से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती बने नक्सलवाद को समाप्त करने में विभिन्न राज्यों की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह उपलब्धि देश की सुरक्षा व्यवस्था और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से मुक्ति पूरे देश के लिए प्रसन्नता और गर्व का विषय है। अब सरकार का अगला बड़ा संकल्प भारत को नशामुक्त बनाना है।
गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान करने के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिस बल के अधिकारियों और जवानों की सेवाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने में पुलिस और अर्धसैनिक बलों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है।
नशे के कारोबार के खिलाफ निर्णायक अभियान
अमित शाह ने कहा कि नक्सलवाद की समस्या से निपटने के बाद अब देश के सामने नशीले पदार्थों की तस्करी और नशे का अवैध कारोबार गंभीर चुनौती है। नशा केवल व्यक्ति और परिवार को ही नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि युवाओं की ऊर्जा, देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को भी प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए देशभर की पुलिस और संबंधित एजेंसियों को समन्वित अभियान चलाना होगा। नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क और इस अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य नशे की आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त करना और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना है।
उत्तराखंड पुलिस को मिला राष्ट्रपति पुलिस कलर
समारोह में गृह मंत्री ने उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस कलर प्रदान किया। इस सम्मान को प्राप्त करने वाला उत्तराखंड देश का 16वां पुलिस बल बन गया है। उन्होंने इसे राज्य गठन के पिछले 25 वर्षों में पुलिस सेवा देने वाले अधिकारियों, जवानों, वर्तमान में कार्यरत कर्मियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
उन्होंने उत्तराखंड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पुलिस बल की कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं का प्रतीक है। राष्ट्रपति पुलिस कलर देश के पुलिस बलों को उनके उल्लेखनीय कार्य और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किया जाने वाला सर्वोच्च संस्थागत सम्मान है।
आधुनिक कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर जोर
अमित शाह ने उत्तराखंड पुलिस द्वारा भारतीय न्याय संहिता के क्रियान्वयन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि नए आपराधिक कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और नागरिक केंद्रित बनाने में सहायक होगा।
उन्होंने पुलिस बलों से तकनीक के बेहतर उपयोग, अपराध नियंत्रण, नशीले पदार्थों की तस्करी पर रोक और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

गृह मंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता देश की सामूहिक शक्ति और सुरक्षा बलों के साहस का परिणाम है। अब इसी दृढ़ संकल्प और समन्वय के साथ नशे के खिलाफ अभियान को सफल बनाकर सुरक्षित, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है।
