देशभर में 3,280 टन मिलावटी और प्रतिबंधित खाद्य पदार्थ जब्त, 82 करोड़ रुपये का माल पकड़ा

56,431 खाद्य प्रतिष्ठानों की हुई जांच, 52 लाइसेंस रद्द, 1,133 निलंबित और 314 प्रतिष्ठानों को किया गया सील

नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026। त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के विरुद्ध भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने देशव्यापी अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत देशभर से लगभग 3,280 टन प्रतिबंधित और निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री का अनुमानित मूल्य करीब 82 करोड़ रुपये है। इनमें पनीर, दूध, घी, खोया, मिठाइयां सहित कई अन्य खाद्य उत्पाद शामिल हैं।

FSSAI के अनुसार, यह विशेष जांच अभियान 1 सितंबर से 5 नवंबर 2026 तक देश के विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चलाया गया। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए मिलावटखोरी पर नियंत्रण और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से निगरानी बढ़ाई गई थी।

इस अभियान के दौरान कुल 56,431 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। जांच में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कारोबारियों और प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई। प्राधिकरण ने 52 खाद्य कारोबार लाइसेंस रद्द किए, जबकि 1,133 लाइसेंस निलंबित कर दिए। इसके अलावा नियमों का पालन नहीं करने वाले 314 प्रतिष्ठानों को सील किया गया।

कार्रवाई के दौरान खाद्य कारोबार संचालकों को 10,047 सुधार संबंधी नोटिस भी जारी किए गए। इन नोटिसों के माध्यम से प्रतिष्ठानों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राधिकरण के आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 43,939 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जिनमें से 23,648 नमूनों का विश्लेषण किया गया। जांच में 2,273 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके अलावा गंभीर अनियमितताओं के मामलों में 410 अभियोजन की कार्रवाई भी शुरू की गई है।

जांच के दायरे में दूध और दुग्ध उत्पादों के साथ तेल, पनीर, खोया, घी, बेकरी उत्पाद, चॉकलेट, आइसक्रीम, नमकीन, पैकेज्ड खाद्य सामग्री और उपहार पैक जैसी वस्तुएं भी शामिल रहीं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की खपत बढ़ने के कारण इनकी गुणवत्ता और शुद्धता पर विशेष निगरानी रखी गई।

FSSAI ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा विभागों के सहयोग से यह अभियान संचालित किया। प्राधिकरण का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण और प्रवर्तन की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

खाद्य पदार्थों में मिलावट केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चुनौती है। ऐसे में इस देशव्यापी कार्रवाई को त्योहारों के दौरान सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने और खाद्य कारोबार में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *