27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 893 नमूनों की जांच में गुणवत्ता सही मिली, कर्नाटक के 56 नमूने भी मानकों पर खरे
नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों द्वारा आपूर्ति किए जा रहे E20 पेट्रोल की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों पर स्पष्टीकरण जारी किया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन द्वारा देशभर में बेचा जा रहा E20 पेट्रोल निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। इसकी गुणवत्ता भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के IS 17021 विनिर्देशों के अनुसार सुनिश्चित की जा रही है।
मंत्रालय का यह स्पष्टीकरण कर्नाटक सरकार की ओर से कुछ पेट्रोल पंपों पर निर्धारित सीमा से अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल बेचे जाने के दावे के बाद आया है। कर्नाटक सरकार के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग ने अक्टूबर 2026 में किए गए परीक्षणों के आधार पर कुछ स्थानों पर पेट्रोल में 26 से 31 प्रतिशत तक एथेनॉल होने की बात कही थी।
इस पर सार्वजनिक क्षेत्र की तीनों तेल कंपनियों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि संबंधित जांच निर्धारित वैधानिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के अनुरूप नहीं की गई थी। कंपनियों के अनुसार, नमूने लेने, उन्हें सुरक्षित रखने और प्रयोगशाला में परीक्षण करने के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित हैं। ऐसे मामलों में परीक्षण की प्रक्रिया और तकनीकी पद्धति का पालन आवश्यक है, ताकि परिणामों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की जा सके।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) और तेल विपणन कंपनियों के गुणवत्ता समन्वय प्रकोष्ठ की ओर से देशभर में E20 पेट्रोल की नियमित निगरानी की जा रही है। इस प्रक्रिया के अंतर्गत 27 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कुल 893 नमूने एकत्र कर उनकी जांच की गई। इनमें इंडियन ऑयल के 330, भारत पेट्रोलियम के 280 और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 283 नमूने शामिल थे। सभी 893 नमूनों में एथेनॉल की मात्रा निर्धारित 19 से 21 प्रतिशत की सीमा के भीतर पाई गई।
कर्नाटक से लिए गए 56 नमूनों की जांच में भी निर्धारित मानकों का पालन पाया गया। इन नमूनों में एथेनॉल की मात्रा 19 से 20 प्रतिशत के बीच दर्ज की गई, जिसका औसत 19.30 प्रतिशत रहा। मंत्रालय ने कहा कि ये परिणाम तेल कंपनियों के आपूर्ति नेटवर्क में गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता को दर्शाते हैं।
तीनों तेल कंपनियों ने कर्नाटक सरकार से नमूने एकत्र करने की पूरी प्रक्रिया, पेट्रोल पंप के अनुसार प्रयोगशाला रिपोर्ट और परीक्षण में अपनाई गई तकनीकी पद्धति का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। कंपनियों ने राज्य सरकार के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में अधिकृत प्रयोगशाला से संयुक्त और स्वतंत्र परीक्षण कराने की भी मांग की है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों के पास आपूर्ति और वितरण नेटवर्क के विभिन्न स्तरों पर जांच की व्यवस्था है। किसी भी प्रकार की अनियमितता निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रमाणित होने पर संबंधित दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल और शेष पेट्रोल का मिश्रण होता है। भारत सरकार का एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, घरेलू कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मंत्रालय ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि पेट्रोलियम उत्पादों की गुणवत्ता और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था जारी रहेगी।
