ड्रोन हमले, साइबर युद्ध और सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार नई चुनौतियां, स्वदेशी तकनीक और स्थानीय लोगों का विश्वास राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण आधार
नई दिल्ली, 8 नवंबर 2026। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र बलों को बदलती सुरक्षा चुनौतियों के मद्देनजर हर समय उच्च स्तरीय परिचालन तत्परता बनाए रखने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब युद्ध केवल सीमाओं पर आमने-सामने की लड़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें साइबर हमले, ड्रोन हमले और सोशल मीडिया के माध्यम से दुष्प्रचार जैसी चुनौतियां भी शामिल हो गई हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को तकनीकी रूप से दक्ष, सतर्क और सक्षम बनाना आवश्यक है।
रक्षा मंत्री ने दीपावली की पूर्व संध्या पर पश्चिम बंगाल के बागडोगरा वायुसेना स्टेशन में भारतीय वायुसेना के अधिकारियों और जवानों को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने विशेष रूप से साइबर सुरक्षा, तकनीकी जानकारी और सही सूचनाओं के महत्व पर जोर दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य पहले की तुलना में अधिक जटिल हो गया है। दुश्मन देश सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सूचनाएं फैलाकर स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा बलों के बीच अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसी परिस्थितियों में जवानों को स्थानीय समुदाय के साथ बेहतर संबंध बनाने और जनता का विश्वास जीतने पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों का सहयोग और विश्वास राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रक्षा मंत्री ने आत्मनिर्भर भारत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के स्टार्टअप और उद्योग रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। भारतीय कंपनियां स्वदेशी ड्रोन, ड्रोन रोधी प्रणालियों और आधुनिक सैन्य उपकरणों का विकास कर रही हैं। उन्होंने सशस्त्र बलों से स्वदेशी तकनीक अपनाने तथा ड्रोन और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपनी क्षमताएं बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए तकनीक आधारित सैन्य क्षमता विकसित करना समय की आवश्यकता है।
इस अवसर पर रक्षा मंत्री ने अग्निवीरों के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने इसे अग्निवीरों के लिए दीपावली का विशेष उपहार बताया। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से अग्निवीरों को देश की सेवा का एक और अवसर मिलेगा। दो वर्ष की निर्धारित सेवा अवधि पूरी करने के बाद अग्निवीर अपनी इच्छा और निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने के पात्र होंगे।
राजनाथ सिंह ने बागडोगरा वायुसेना स्टेशन को देश की सुरक्षा व्यवस्था, विशेषकर पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए वायुसेना की सतर्कता और परिचालन तत्परता अत्यंत आवश्यक है।

रक्षा मंत्री ने दीपावली के अवसर पर वायुसेना के जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उन जवानों के योगदान की सराहना की, जो त्योहारों पर अपने परिवारों से दूर रहकर राष्ट्र की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। उन्होंने कहा कि देश अपने वीर जवानों और उनके परिवारों के त्याग एवं समर्पण के प्रति सदैव कृतज्ञ रहेगा।
