सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की चमक बढ़ी, सप्ताहभर में दोनों कीमती धातुओं के भाव में जोरदार उछाल

नई दिल्ली। सर्राफा बाजार में बीते सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों तथा डॉलर की कमजोरी ने कीमती धातुओं की मांग को बढ़ावा दिया। इसके साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक शेयर बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्षेत्र से जुड़ी चिंताओं के कारण निवेशकों का रुझान सोने-चांदी जैसे कमोडिटी बाजारों की ओर बढ़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों धातुओं ने सप्ताह के दौरान मजबूत प्रदर्शन किया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में दिसंबर अनुबंध के सोने का वायदा भाव सप्ताह के दौरान लगभग 3 प्रतिशत बढ़कर 1 लाख 42 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, चांदी के वायदा भाव में लगभग 3.15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह करीब 1 लाख 84 हजार रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। सप्ताह के दौरान सोने की कीमत में लगभग 3,682 रुपये और चांदी की कीमत में 5,655 रुपये की बढ़ोतरी हुई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का रुख इससे भी अधिक मजबूत रहा। कॉमेक्स में दिसंबर अनुबंध के सोने का वायदा भाव सप्ताह के दौरान 4.5 प्रतिशत बढ़कर 4,074.90 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर पहुंच गया। इसी अवधि में चांदी के वायदा भाव में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 51.94 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई। इस तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने सोने की तुलना में अधिक तेजी दिखाई।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के नतीजों के बाद डॉलर में आई कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में गिरावट ने सोने-चांदी को समर्थन दिया। डॉलर कमजोर होने से अन्य मुद्राओं में निवेश करने वाले खरीदारों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी मांग बढ़ने की संभावना रहती है। अमेरिकी राजनीति में संभावित नीतिगत बदलावों और एआई क्षेत्र के नियमन को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित किया।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने भी बाजार की दिशा बदलने में भूमिका निभाई। तेल की कीमतों में कमी से महंगाई संबंधी चिंताओं में कुछ राहत मिलने की उम्मीद बनी, जिससे कीमती धातुओं की खरीद को समर्थन मिला। इसके अलावा वैश्विक प्रौद्योगिकी और एआई कंपनियों के शेयरों में उतार-चढ़ाव के कारण निवेशकों ने अपने निवेश में विविधता लाने पर ध्यान दिया।

हालांकि सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन सोने और चांदी की तेजी पर कुछ विराम लगा। अमेरिकी रोजगार के मजबूत आंकड़ों से डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में फिर मजबूती आई, जिससे दोनों धातुओं पर दबाव बना। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी नीति, कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सर्राफा बाजार की दिशा तय करेंगे।

ऐसे में सोने और चांदी में तेजी के बावजूद बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है। निवेशकों की नजर अब आगामी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक घटनाक्रमों पर टिकी हुई है।

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