रायपुर, 28 जुलाई 2026/ छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे सघन सर्च अभियान के तहत कांकेर और नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दोनों जिलों में अलग-अलग संयुक्त अभियानों के दौरान नक्सलियों द्वारा जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में छिपाकर रखे गए डंप का पता लगाया गया। कांकेर में डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम ने भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य नक्सली सामग्री बरामद की, जबकि नारायणपुर जिले में डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त कार्रवाई में 7.62 मिमी के 195 और 5.56 मिमी के 102 जीवित राउंड सहित कुल 297 जीवित कारतूस बरामद किए गए।
कांकेर जिले के ग्राम गट्टाकाल और दरवीकोड़ो के मध्य स्थित घने जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने 27 जुलाई को सघन सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान संयुक्त टीम को नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया डंप मिला। तलाशी के बाद डंप से हथियार, भारी मात्रा में गोला-बारूद, बीजीएल सेल, डेटोनेटर, बारूद तथा अन्य नक्सली सामग्री बरामद की गई। बरामद विस्फोटक सामग्री को सुरक्षा की दृष्टि से बीडीएस टीम द्वारा मौके पर ही निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए डिफ्यूज कर नष्ट कर दिया गया।

कांकेर जिले के संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बद्री नारायण मीणा के निर्देशन, डीआईजी बीएसएफ भानुप्रतापपुर दीपक तिवारी, पुलिस अधीक्षक कांकेर निखिल राखेचा तथा 40वीं वाहिनी बीएसएफ कोयलीबेड़ा के सेनानी रणधीर सिंह गिल के मार्गदर्शन में लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत डीआरजी और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने गट्टाकाल-दरवीकोड़ो के मध्य जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया।
सर्चिंग के दौरान सुरक्षा बलों को जंगल में संदिग्ध गतिविधियों और नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप का पता चला। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की सावधानीपूर्वक तलाशी लेकर सामग्री को बरामद किया। बरामद विस्फोटक सामग्री को देखते हुए बीडीएस टीम को मौके पर बुलाया गया और बीजीएल सेल, डेटोनेटर तथा बारूद को सुरक्षा मानकों के अनुरूप सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर नष्ट किया गया। इस कार्रवाई से संभावित खतरे को टालने में सफलता मिली।
कांकेर में बरामद नक्सली सामग्री में एक यूबीजीएल, एक देशी कट्टा, दो यूबीजीएल सेल, दो एके-47 राउंड, 14 नग .303 रायफल राउंड, 99 एसएलआर राउंड, 21 नग 8 एमएम राउंड, 23 नग 9 एमएम पिस्टल राउंड, दो एके-47 मैगजीन, एक एसएलआर मैगजीन, 10 बीजीएल सेल, 10 बीजीएल राउंड, 20 डेटोनेटर, लगभग 10 किलोग्राम फटाका बारूद, एक बाइनाकुलर सहित अन्य नक्सली सामग्री शामिल है।

वहीं दूसरी ओर नारायणपुर जिले में भी नक्सल मुक्ति के बाद सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे सघन सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों के एक डंप का पता लगाया गया। जिला पुलिस बल डीआरजी नारायणपुर और आईटीबीपी 53वीं वाहिनी की संयुक्त टीम ने 26 जुलाई 2026 को थाना ओरछा क्षेत्रांतर्गत कैंप आदींगपार के समीप कसोड़-कुमेरादी के जंगल क्षेत्र में सर्च अभियान संचालित किया। अभियान के दौरान संयुक्त टीम को जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया डंप बरामद हुआ।
क्षेत्र की गहन तलाशी के दौरान बरामद डंप से 7.62 मिमी के 195 जीवित राउंड तथा 5.56 मिमी के 102 जीवित राउंड मिले। इस तरह नारायणपुर जिले की कार्रवाई में कुल 297 जीवित कारतूस बरामद किए गए। बरामद सामग्री को नियमानुसार जब्त कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
नारायणपुर जिले में नक्सल मुक्ति के बाद सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है। इन अभियानों का उद्देश्य जंगल और दूरस्थ क्षेत्रों में नक्सलियों द्वारा पूर्व में छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और अन्य युद्ध सामग्री को बरामद करना है। लगातार जारी इन अभियानों से नक्सलियों के संसाधनों और उनके नेटवर्क को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा आम नागरिकों के बीच विश्वास का वातावरण कायम करने में भी मदद मिल रही है।
कांकेर और नारायणपुर जिले में हुई इन दोनों कार्रवाइयों को सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। एक ओर कांकेर में बड़ी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद कर संभावित खतरे को टाला गया, वहीं नारायणपुर में बड़ी संख्या में जीवित कारतूसों की बरामदगी से नक्सलियों के हथियार और गोला-बारूद के भंडारण तंत्र को बड़ा झटका लगा है।
सुरक्षा बलों के अधिकारियों के अनुसार, सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में डीआरजी, बीएसएफ, आईटीबीपी और बीडीएस की संयुक्त टीमें अतिरिक्त सतर्कता के साथ सर्च अभियान चला रही हैं। जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में संदिग्ध स्थानों की लगातार तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा बलों का उद्देश्य नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखी गई सामग्री को बरामद कर उसे निष्क्रिय करना और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा को और मजबूत करना है।
नारायणपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को जंगल क्षेत्र में कोई संदिग्ध वस्तु, हथियार, गोला-बारूद अथवा नक्सलियों द्वारा छिपाई गई किसी सामग्री की जानकारी प्राप्त होती है, तो इसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा सुरक्षा बलों को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से सुरक्षा बलों का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि आम जनता की सहभागिता से नक्सलमुक्त, सुरक्षित और शांतिपूर्ण क्षेत्र के निर्माण का अभियान निरंतर जारी रहेगा।
कांकेर और नारायणपुर में हुई संयुक्त सुरक्षा कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि नक्सल प्रभावित और नक्सल मुक्ति के बाद के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा अभियान को लगातार तेज किया जा रहा है। जंगलों में छिपे हथियारों और विस्फोटकों की बरामदगी से जहां संभावित हिंसक गतिविधियों को रोकने में मदद मिलेगी, वहीं बड़ी मात्रा में बरामद गोला-बारूद नक्सल नेटवर्क के लिए भी बड़ा झटका माना जा रहा है। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो रही है।
