जैस्मिन लांबोरिया सेमीफाइनल में पहुंचीं, भारत का एक और पदक पक्का

नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। विश्व चैंपियन जैस्मिन लांबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर दिया है। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में जैस्मिन ने इंग्लैंड की एलिस ग्लिन को हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया।

जैस्मिन की इस जीत के साथ ही राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का एक और पदक पक्का हो गया है। वह इस प्रतियोगिता में पदक सुनिश्चित करने वाली भारत की 10वीं मुक्केबाज बन गई हैं। भारतीय मुक्केबाजों ने अलग-अलग भार वर्गों में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए देश की पदक उम्मीदों को मजबूत किया है।

जैस्मिन लांबोरिया का सेमीफाइनल में पहुंचना भारतीय मुक्केबाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी जैस्मिन ने क्वार्टर फाइनल में दबाव के बीच संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। इंग्लैंड की एलिस ग्लिन के खिलाफ उनकी जीत ने भारतीय दल में उत्साह बढ़ा दिया है। अब उनकी नजर फाइनल में जगह बनाने और स्वर्ण पदक की ओर कदम बढ़ाने पर होगी।

इससे पहले भारत की प्रीति पवार, प्रिया घंघास, साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी, लवलीना बोरगोहेन, जदुमणि सिंह, सचिन सिवाच, अंकुश पंघाल और नरेंद्र बेरवाल भी अपने-अपने भार वर्गों में सेमीफाइनल में पहुंच चुके हैं। इन खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय मुक्केबाजी की मजबूत स्थिति को एक बार फिर साबित किया है।

भारतीय मुक्केबाजों की लगातार सफलता से पदक तालिका में देश की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है। मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में पहुंचना अपने आप में पदक की गारंटी देता है, ऐसे में भारतीय दल के खाते में एक और पदक जुड़ना तय हो गया है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की निगाहें जैस्मिन समेत अन्य मुक्केबाजों के आगामी मुकाबलों पर टिकी हैं।

वहीं, राष्ट्रमंडल खेलों की एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत के अनिमेष कुजूर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 200 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया है। राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अनिमेष ने ग्लासगो में अपनी रेस 20.46 सेकेंड में पूरी कर जीत हासिल की। उन्होंने कैमरून के इमैनुएल एसेमे को पीछे छोड़ा। एसेमे इससे पहले 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

अनिमेष कुजूर ने 16 खिलाड़ियों के बीच सातवां स्थान हासिल किया और अब वह सेमीफाइनल में अपनी चुनौती पेश करेंगे। 200 मीटर दौड़ के सेमीफाइनल मुकाबले अगले दिन खेले जाएंगे। अनिमेष के प्रदर्शन से भारतीय एथलेटिक्स को भी बड़ी उम्मीदें जगी हैं।

जैस्मिन लांबोरिया की मुक्केबाजी में पदक पक्की करने और अनिमेष कुजूर के 200 मीटर सेमीफाइनल में पहुंचने से राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के अभियान को नई मजबूती मिली है। एक ओर जहां भारतीय मुक्केबाज पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए रिंग में जोर लगा रहे हैं, वहीं एथलेटिक्स में अनिमेष कुजूर से भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन देश में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय खिलाड़ियों की मजबूत होती स्थिति को दर्शाता है। जैस्मिन की जीत ने भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित कर दिया है, जबकि अनिमेष की सफलता ने एथलेटिक्स में भी पदक की उम्मीदों को जीवंत रखा है। अब भारतीय खेल प्रेमियों को दोनों स्पर्धाओं में आगे के मुकाबलों का इंतजार है।

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