नई दिल्ली, 29 जुलाई। पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज ने देशभर की ग्राम पंचायतों में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से नागरिक सहभागिता पहल ‘दानवीर’ का शुभारंभ किया। इस पहल के तहत नागरिक अब ‘मेरी पंचायत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वेच्छा से पात्र ग्राम पंचायतों को कंप्यूटर उपलब्ध कराने में योगदान दे सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में कंप्यूटरों की कमी को दूर करने के साथ-साथ नागरिकों को स्थानीय स्वशासन और ग्रामीण विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना है।
विवेक भारद्वाज ने दानवीर पहल को विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्राम पंचायतों को डिजिटल रूप से सक्षम, आपस में जुड़ा हुआ और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले भारतीय और अन्य नागरिक भी इस माध्यम से अपने मूल गांवों के विकास में योगदान देकर अपनी जड़ों से जुड़ सकते हैं।

उन्होंने कहा कि आज ग्राम पंचायत में कंप्यूटर केवल रिकॉर्ड रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह तेज सेवा वितरण, पारदर्शिता और बेहतर सुशासन का महत्वपूर्ण साधन बन चुका है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और नागरिक सेवाओं को अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सकता है।
विवेक भारद्वाज ने कहा कि दानवीर को केवल एक दान अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह नागरिकों और संस्थाओं को स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने के लिए साझेदारी का अवसर प्रदान करने वाला मंच है। उन्होंने कहा कि नागरिक सहभागिता से ग्राम पंचायतों के डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ डिजिटल भारत के लक्ष्य को भी आगे बढ़ाया जा सकेगा।
यह पहल पंचायती राज मंत्रालय ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और डिजीहाट के सहयोग से विकसित की है। ‘अपने गांव को लौटाएं’ टैगलाइन के साथ संचालित यह पूरी तरह स्वैच्छिक पहल है। ‘मेरी पंचायत’ ऐप के माध्यम से व्यक्ति और संस्थाएं पात्र ग्राम पंचायतों को मानकीकृत और गुणवत्ता-सत्यापित कंप्यूटर पैकेज उपलब्ध करा सकेंगे।
दानदाता ‘मेरी पंचायत’ ऐप को डिजीहाट मार्केटप्लेस से जोड़कर राज्य-विशिष्ट तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्व-स्वीकृत कंप्यूटर पैकेज में से अपनी पसंद का चयन कर सकते हैं। प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए आपूर्ति से संबंधित विवरण स्वतः भर जाएंगे, जिससे अतिरिक्त कागजी कार्रवाई की आवश्यकता नहीं होगी।

इस पहल की एक प्रमुख विशेषता यह है कि दानदाता अपने योगदान की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से ट्रैक कर सकेंगे। कंप्यूटर के भेजे जाने से लेकर ग्राम पंचायत तक पहुंचने और उसकी स्थापना होने तक की जानकारी उपलब्ध रहेगी। योगदान के सम्मान में दानदाता को डिजिटल प्रशंसा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। पात्र ग्राम पंचायतों की सूची और योगदान करने की पूरी प्रक्रिया ‘मेरी पंचायत’ ऐप पर उपलब्ध कराई गई है।
भारत में लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतें हैं, जो जमीनी स्तर के लोकतंत्र और स्थानीय सेवाओं के प्रभावी वितरण की महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। पंचायती राज मंत्रालय के ई-ग्रामस्वराज, मेरी पंचायत, सभा सार, ऑडिटऑनलाइन और ग्राम मानचित्र जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के व्यापक तंत्र के आधार पर दानवीर पहल को तैयार किया गया है।
इस पहल का लक्ष्य ग्राम पंचायतों में मौजूद डिजिटल बुनियादी ढांचे की कमियों को दूर करना और उन्हें नागरिक-केंद्रित सेवाएं अधिक दक्षता, पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ उपलब्ध कराने में सक्षम बनाना है। इसके माध्यम से देश-विदेश में रहने वाले नागरिकों को भी अपने गांवों के विकास में योगदान देने का अवसर मिलेगा।
दानवीर पहल ग्रामीण भारत को डिजिटल रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में नागरिक सहभागिता का नया मॉडल प्रस्तुत करती है। इससे ग्राम पंचायतों की तकनीकी क्षमता बढ़ने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल शासन और सेवाओं की पहुंच को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
