स्यूटा में बढ़ते प्रवासी संकट के बीच इटली ने स्पेन के साथ समुद्री और हवाई सीमाएं बंद करने का आदेश दिया

नई दिल्ली। स्पेन के स्यूटा एन्क्लेव में बढ़ते प्रवासी संकट के बीच इटली ने स्पेन के साथ अपनी समुद्री और हवाई सीमाएं बंद करने का आदेश दिया है। यह निर्णय इटली के गृह मंत्रालय की ओर से नवीनतम खुफिया आकलन की समीक्षा के बाद लिया गया। रोम स्थित विमिनाले में गृह मंत्री माटेओ पियानटेडोसी की अध्यक्षता में आव्रजन और सीमा सुरक्षा विश्लेषण समिति की बैठक के बाद यह कदम उठाया गया।

स्यूटा में हाल के दिनों में प्रवासियों की बढ़ती संख्या ने यूरोप में सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासन को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उत्तरी अफ्रीका के तट पर स्थित स्पेन का स्यूटा एन्क्लेव अफ्रीका से यूरोप में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले प्रवासियों के लिए प्रमुख मार्गों में से एक माना जाता है। यहां प्रवासियों की बढ़ती भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पेन और अन्य यूरोपीय देशों के सामने चुनौती उत्पन्न हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में लगभग 60 हजार लोग मोरक्को पहुंचे थे। इनमें से 48 हजार से अधिक प्रवासी अब तक मोरक्को लौट चुके हैं। स्यूटा में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले प्रवासियों की संख्या को नियंत्रित करने और सीमा व्यवस्था को सामान्य बनाने के लिए स्पेन तथा मोरक्को ने भी अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।

स्पेन और मोरक्को ने स्यूटा में अवैध रूप से प्रवेश करने वाले सभी प्रवासियों की जल्द से जल्द वापसी सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपायों को मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का उद्देश्य सीमा पर उत्पन्न दबाव को कम करना और अवैध प्रवेश की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

स्पेन के गृह मंत्री फर्नांडो ग्रांडे-मार्लास्का ने कहा कि स्पेन और मोरक्को स्थिति को नियंत्रित करने तथा सीमा नियंत्रण बहाल करने के लिए आवश्यक सभी कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच समन्वय और सहयोग को महत्वपूर्ण बताते हुए मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए प्रभावी कार्रवाई पर जोर दिया।

इटली की ओर से उठाए गए इस कदम को यूरोप में बढ़ते प्रवासी संकट और सीमा सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच एक महत्वपूर्ण निर्णय के रूप में देखा जा रहा है। समुद्री और हवाई सीमाओं पर नियंत्रण कड़ा करने का उद्देश्य संभावित अवैध आव्रजन गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बताया जा रहा है।

स्यूटा संकट ने एक बार फिर यूरोप के सामने अवैध प्रवासन, सीमा सुरक्षा और मानवीय चुनौतियों के बीच संतुलन बनाने का सवाल खड़ा कर दिया है। आने वाले दिनों में स्पेन, मोरक्को और अन्य यूरोपीय देशों के बीच सहयोग तथा सीमा सुरक्षा से जुड़े कदम इस संकट की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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