हानले डार्क स्काई रिजर्व में चौथी स्टार पार्टी, देशभर के खगोल प्रेमियों ने तारों भरे आकाश का लिया अनुभव

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026। लद्दाख के हानले स्थित भारतीय खगोलीय वेधशाला में 7 से 12 सितंबर तक हानले डार्क स्काई रिजर्व (HDSR) स्टार पार्टी 2026 के चौथे संस्करण का आयोजन किया गया। देशभर से आए विशेषज्ञ खगोलीय छायाकारों और शौकिया खगोलविदों ने इस आयोजन में हिस्सा लिया। चंडीगढ़, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, नई दिल्ली, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से करीब 40 शौकिया खगोलविद अपने उन्नत उपकरणों के साथ हानले पहुंचे।

भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), लद्दाख के वन्यजीव संरक्षण विभाग, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) और टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (TIFR) के संयुक्त आयोजन में प्रतिभागियों ने हानले के निर्मल और अंधेरे आकाश के नीचे चार रातों तक खगोलीय पिंडों के अवलोकन और खगोलीय छायांकन का अनुभव लिया। आयोजन का उद्देश्य खगोल विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ हानले के प्राकृतिक अंधेरे आकाश को संरक्षित करने की आवश्यकता के प्रति जागरूकता पैदा करना भी रहा।

IIA की निदेशक प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम ने कहा कि देशभर के शौकिया खगोलविदों और खगोलीय छायाकारों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस बात को रेखांकित किया कि वैज्ञानिक अनुसंधान और आम लोगों के लिए निर्मल अंधेरा आकाश कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से खगोल विज्ञान के प्रति लोगों की रुचि बढ़ने के साथ-साथ डार्क स्काई संरक्षण की आवश्यकता भी सामने आती है।

10 सितंबर को स्थानीय समुदायों और आसपास के क्षेत्रों से आए पर्यटकों के लिए विशेष ‘ओपन नाइट’ का आयोजन किया गया, जिसमें 1200 से अधिक लोगों ने भाग लिया। स्टार पार्टी के प्रतिभागियों ने HDSR के खगोल विज्ञान दूतों और वेधशाला के कर्मचारियों के साथ मिलकर निर्धारित स्थानों पर दूरबीनों के माध्यम से लोगों को विभिन्न खगोलीय पिंडों का अवलोकन कराया। प्रतिभागियों ने आगंतुकों के सवालों के जवाब देकर उन्हें तारों, ग्रहों और अन्य खगोलीय घटनाओं के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विभिन्न संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी दूरबीनों के माध्यम से आकाशीय पिंडों का अवलोकन कराया गया। उन्हें प्रकाश प्रदूषण कम करने और हानले के अंधेरे आकाश को संरक्षित रखने के महत्व की जानकारी दी गई।

HDSR के 25 स्थानीय खगोल विज्ञान दूतों के लिए भी प्रत्येक शाम विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। ये स्थानीय ग्रामीण पिछले तीन वर्षों से पर्यटकों के लिए खगोल विज्ञान संबंधी भ्रमण आयोजित करने का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। लद्दाख प्रशासन की ओर से उन्हें दूरबीनें भी उपलब्ध कराई गई हैं। स्टार पार्टी में शामिल विशेषज्ञों ने इन स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को रात्रिकालीन आकाश के अवलोकन तथा खगोलीय छायांकन की व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया।

हानले डार्क स्काई रिजर्व को दिसंबर 2022 में लद्दाख सरकार ने अधिसूचित किया था। इसका उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए प्रकाश प्रदूषण को कम करना और स्थानीय समुदायों के लिए खगोल-पर्यटन को बढ़ावा देना है। हानले स्थित भारतीय खगोलीय वेधशाला इस पहल का प्रमुख आधार है और इसका संचालन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन स्वायत्त संस्था भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान द्वारा किया जाता है।

वेधशाला के प्रभारी वैज्ञानिक प्रोफेसर डीके साहू ने कहा कि हानले में प्रस्तावित 3.7 मीटर की उन्नत हिमालयन चंद्र दूरबीन और 13.7 मीटर की राष्ट्रीय विशाल ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड दूरबीन जैसी भविष्य की परियोजनाओं को देखते हुए यहां के अंधेरे आकाश का संरक्षण बेहद जरूरी है। वार्षिक स्टार पार्टी इसी दिशा में वैज्ञानिक समुदाय, स्थानीय लोगों और पर्यटकों के बीच जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

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