पेंशन सखियां घर-घर पहुंचाएंगी पेंशन सुरक्षा, ग्रामीण परिवारों को मिलेगी वित्तीय मजबूती

नई दिल्ली, 15 सितंबर 2026। ग्रामीण भारत में पेंशन जागरूकता और दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। ग्रामीण विकास विभाग और पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने ग्रामीण क्षेत्रों में ‘पेंशन सखियों’ के सामुदायिक-आधारित संपर्क तंत्र को विकसित करने और समर्थन देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व वाले स्वयं सहायता समूहों और दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के व्यापक सामुदायिक नेटवर्क के माध्यम से पेंशन कवरेज का विस्तार करना है।

समझौता ज्ञापन पर ग्रामीण विकास विभाग के संयुक्त सचिव अमित शुक्ल और PFRDA की कार्यकारी निदेशक सुमीत कौर कपूर ने ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए। इस पहल के तहत बैंकिंग संवाददाता सखियों और अन्य प्रशिक्षित सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों के नेटवर्क का उपयोग कर पेंशन संबंधी जागरूकता, वित्तीय साक्षरता, नामांकन और नामांकन के बाद सहायता को ग्रामीण परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।

‘पेंशन सखियां’ गांवों में विश्वसनीय सामुदायिक सूत्रधार के रूप में काम करेंगी। वे स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों, ग्रामीण महिलाओं, लखपति दीदियों और अन्य ग्रामीण परिवारों को पेंशन तथा सेवानिवृत्ति योजनाओं की जानकारी देंगी। साथ ही पात्र लोगों को योजनाओं में नामांकन की प्रक्रिया समझाने और पेंशन सेवाओं से संबंधित सहायता उपलब्ध कराने में भी सहयोग करेंगी।

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव रोहित कंसल ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़े ग्रामीण परिवारों की बचत की आदतें, आजीविका चक्र और जोखिम की स्थिति अलग-अलग होती है। ऐसे में सामाजिक सुरक्षा को सतत समृद्धि के व्यापक मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा केवल आर्थिक असुरक्षा से बचाव का माध्यम नहीं है, बल्कि यह परिवारों को भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए आत्मविश्वास और वित्तीय मजबूती भी देती है।

उन्होंने पेंशन जागरूकता और वित्तीय साक्षरता में पारदर्शिता तथा विश्वास को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्रामीण नागरिकों को योजनाओं के बारे में स्पष्ट और सही जानकारी मिलनी चाहिए, ताकि वे अपनी दीर्घकालिक वित्तीय सुरक्षा को लेकर सोच-समझकर निर्णय ले सकें।

PFRDA की ओर से ममता शंकर ने बढ़ती जीवन प्रत्याशा और बदलते जनसांख्यिकीय परिदृश्य के बीच सेवानिवृत्ति नियोजन के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह साझेदारी औपचारिक सेवानिवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था से बाहर रह रहे ग्रामीण परिवारों के बीच राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) सहित विभिन्न पेंशन उत्पादों के प्रति जागरूकता और भागीदारी बढ़ाने में मदद करेगी।

इस पहल में डिजिटल तकनीक को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है। डिजिटल डैशबोर्ड तथा मोबाइल और वेब आधारित समाधानों के माध्यम से पहुंच, नामांकन और प्रगति की निगरानी को मजबूत किया जाएगा। इसमें DAY-NRLM की लोकोस प्रणाली भी शामिल होगी। डिजिटल निगरानी से संबंधित संस्थाओं को कवरेज में कमियों की पहचान करने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने में सहायता मिलेगी।

यह साझेदारी PFRDA की पेंशन नियमन एवं सेवानिवृत्ति सुरक्षा संबंधी विशेषज्ञता को DAY-NRLM के महिला नेतृत्व वाले सामुदायिक नेटवर्क के साथ जोड़ती है। कृषि, अनौपचारिक रोजगार और छोटे व्यवसायों पर निर्भर कई ग्रामीण परिवारों की आय अनियमित होती है। ऐसे में समय रहते पेंशन योजनाओं की जानकारी और दीर्घकालिक बचत की आदत वित्तीय मजबूती का महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।

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