रायपुर, 15 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की राजधानी नवा रायपुर अटल नगर में 16 एवं 17 सितंबर को 32वें अखिल भारतीय राज्य निर्वाचन आयुक्त सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन राज्यपाल द्वारा 16 सितंबर को सुबह 10.30 बजे किया जाएगा। सम्मेलन का आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने बताया कि देश के विभिन्न राज्यों में यह सम्मेलन प्रतिवर्ष आयोजित होता है। इससे पहले वर्ष 2014 में भी छत्तीसगढ़ में इस प्रतिष्ठापूर्ण सम्मेलन का आयोजन किया गया था। सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त शामिल होंगे और स्थानीय लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
सम्मेलन में विशेष रूप से त्रिस्तरीय पंचायतों और नगरीय निकायों के निर्वाचन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर मंथन किया जाएगा। स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं के निर्वाचन को अधिक सशक्त, पारदर्शी, समावेशी, विश्वसनीय और सहभागी बनाने के उपायों पर चर्चा होगी। बदलती परिस्थितियों और तकनीकी विकास के बीच स्थानीय निकायों के चुनावों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्यों के अनुभवों और नवाचारों को साझा किया जाएगा।
सम्मेलन में लोकतांत्रिक निर्वाचन से जुड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ भी हिस्सा लेंगे। प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी, न्यू जर्सी, अमेरिका के विषय विशेषज्ञ निर्वाचन प्रक्रिया और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे। इससे सम्मेलन में स्थानीय लोकतंत्र के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय अनुभवों को भी समझने का अवसर मिलेगा।
इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी सम्मेलन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम इलेक्ट्रॉनिक कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, हैदराबाद और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बेंगलुरु के ईवीएम विषय विशेषज्ञ सम्मेलन में अपने-अपने संस्थानों की नवीनतम तकनीकी जानकारी प्रस्तुत करेंगे। इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रणाली में तकनीकी प्रगति, निर्वाचन प्रक्रिया में विश्वसनीयता और पारदर्शिता तथा चुनावों में तकनीक के उपयोग से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, सम्मेलन राज्यों के बीच निर्वाचन संबंधी अनुभवों और बेहतर प्रक्रियाओं के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच है। पंचायतों और नगरीय निकायों के चुनावों में मतदाताओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने, निर्वाचन प्रक्रिया को सुगम बनाने तथा स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता का विश्वास मजबूत करने के लिए विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

दो दिवसीय यह सम्मेलन स्थानीय लोकतंत्र को मजबूत करने के साथ निर्वाचन प्रक्रिया में तकनीकी नवाचार और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
