व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी एफटीए की दिशा में दोनों देशों ने बढ़ाया कदम
नई दिल्ली, 24 जुलाई 2026। भारत और इज़राइल के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर वार्ता का दूसरा दौर 20 से 23 जुलाई 2026 तक नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में संपन्न हुआ। चार दिवसीय वार्ता के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने प्रस्तावित समझौते से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों पर विस्तृत और रचनात्मक चर्चा की। दोनों पक्षों ने संतुलित, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में आगे बढ़ने की प्रतिबद्धता दोहराई।
नवंबर 2025 में हस्ताक्षरित ‘टर्म्स ऑफ रेफरेंस’ (टीओआर) के तहत दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, आर्थिक सहयोग और व्यापक आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए निर्धारित क्षेत्रों में बातचीत आगे बढ़ रही है। प्रस्तावित एफटीए का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ आर्थिक संबंधों को नई गति प्रदान करना है।

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत और इज़राइल के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 3.93 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक क्षेत्र में कई स्तरों पर मजबूत पूरकता मौजूद है। ऐसे में प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते को द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और आर्थिक एकीकरण को और विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।
वार्ता के दूसरे दौर में दोनों देशों के तकनीकी विशेषज्ञों ने प्रस्तावित समझौते के विभिन्न अध्यायों और विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए। इनमें वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार, उत्पत्ति के नियम, सैनिटरी एवं फाइटोसैनिटरी उपाय, व्यापार में तकनीकी बाधाएं, बौद्धिक संपदा अधिकार, सीमा शुल्क प्रक्रियाएं और व्यापार सुगमता, आर्थिक सहयोग सहित अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच बातचीत रचनात्मक और भविष्योन्मुखी रही। तकनीकी विशेषज्ञों ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया और आपसी मतभेदों को कम करने के साथ-साथ उन क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया, जहां दोनों देशों के बीच सहमति बन सकती है। वार्ता का उद्देश्य ऐसा समझौता तैयार करना है, जो दोनों देशों के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापार और निवेश के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराए।
उद्घाटन सत्र में भारत के एफटीए मुख्य वार्ताकार और वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त सचिव अजय भादू ने भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने वाला संतुलित, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी समझौता सुनिश्चित करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है।
इज़राइल की मुख्य वार्ताकार यिफ़ात अलोन पेरेल, जो व्यापार नीति एवं समझौते की वरिष्ठ निदेशक तथा विदेश व्यापार प्रशासन, अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्रालय में उप व्यापार आयुक्त हैं, ने भी वार्ता के पहले दौर के बाद हुई प्रगति की सराहना की। उन्होंने महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी परिणाम हासिल करने की दिशा में बातचीत की गति बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
भारत और इज़राइल के बीच प्रस्तावित एफटीए को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाली महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे व्यापारिक बाधाओं को कम करने, बाजारों तक पहुंच बढ़ाने, निवेश को प्रोत्साहित करने और विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
वार्ता के दूसरे दौर के सफल समापन के बाद दोनों देशों ने एक बार फिर संतुलित, व्यापक और पारस्परिक रूप से लाभकारी मुक्त व्यापार समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। दोनों पक्षों का मानना है कि प्रस्तावित एफटीए भारत और इज़राइल के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
