केंद्र सरकार जल्द शुरू करेगी कोयला और खनिज एक्सचेंज, 90 प्रतिशत तैयारी पूरी : केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी

कंपनियों और व्यापारियों को मिलेगा देशभर के कोयले और खनिजों की खरीद-बिक्री का साझा मंच, खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा को मिलेगा बढ़ावा

पणजी, 6 नवंबर 2026। केंद्र सरकार देश में कोयला और खनिजों की खरीद-बिक्री के लिए जल्द ही कोयला एक्सचेंज और खनिज एक्सचेंज शुरू करने जा रही है। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गोवा में आयोजित खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन में यह घोषणा की। उन्होंने बताया कि दोनों एक्सचेंज शुरू करने की लगभग 90 प्रतिशत तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इनके माध्यम से देशभर में विभिन्न राज्यों में उत्पादित कोयले और खनिजों की खरीद-बिक्री के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित एक्सचेंज से कंपनियों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और व्यापारियों को देश के अलग-अलग हिस्सों में उपलब्ध कोयले एवं खनिज संसाधनों तक पहुंच बनाने में सुविधा होगी। इससे खरीदारों और विक्रेताओं को एक ही मंच पर कारोबार करने का अवसर मिलेगा। खनिजों की उपलब्धता, मांग और कीमतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य खनन क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और व्यवस्थित बनाना है।

प्रस्तावित खनिज एक्सचेंज में लौह अयस्क, चूना पत्थर, बॉक्साइट और महत्वपूर्ण खनिजों को शामिल किया जाएगा। वहीं, कोयला एक्सचेंज के माध्यम से कोयले की खरीद-बिक्री को सुगम बनाया जाएगा। इससे उद्योगों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप संसाधन प्राप्त करने के अधिक विकल्प मिलेंगे। साथ ही खनिज उत्पादक राज्यों और उपभोक्ता उद्योगों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में गैर-कोयला खनन से राज्यों को मिलने वाला राजस्व उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2014-15 में यह राशि लगभग 13 हजार करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर करीब 70 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) के अंतर्गत भी लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इन निधियों का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और स्थानीय समुदायों के कल्याण के लिए किया जा रहा है।

सम्मेलन में खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के उपयोग, महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता बढ़ाने, कोयला गैसीकरण और पर्यावरण के अनुकूल खनन गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास के लिए खनिज संसाधनों का प्रभावी उपयोग आवश्यक है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय के साथ नई तकनीकों को अपनाना होगा।

इस अवसर पर महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के खनन को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए गए। केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी की नौवीं किश्त शुरू की, जिसके अंतर्गत आठ राज्यों में 20 खनिज ब्लॉक शामिल किए गए हैं। सरकार का मानना है कि खनन क्षेत्र में निवेश और उत्पादन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे तथा देश की औद्योगिक आत्मनिर्भरता को मजबूती मिलेगी।

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