12 मंचों पर 2500 कलाकार प्रस्तुत करेंगे रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम, देश-विदेश की लोककलाओं से सजेगी रामनगरी
अयोध्या, 07 नवंबर 2026। भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या आज दीपों की अनुपम आभा से जगमगाने जा रही है। दीपोत्सव के दसवें संस्करण के अवसर पर सरयू तट सहित नगरी के विभिन्न प्रमुख स्थलों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीपक प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। इस भव्य आयोजन में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन और आयोजन समितियों ने व्यापक तैयारियां की हैं।
दीपोत्सव के दौरान उपराष्ट्रपति श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही वे भगवान श्रीराम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में भी भाग लेंगे। रामनगरी में आयोजित यह उत्सव भारतीय संस्कृति, आस्था, परंपरा और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को समर्पित होगा। दीपों की रोशनी से अयोध्या के मंदिरों, घाटों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख मार्गों को सजाया गया है।
इस वर्ष दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक स्वरूप देने के लिए विशेष आयोजन किए गए हैं। भारत और विदेशों के लगभग 2500 कलाकार रामलीला, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। इनके लिए शहर में 12 अलग-अलग मंच तैयार किए गए हैं। दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, नेपाल, लाओस और थाईलैंड सहित विभिन्न देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से रामकथा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जुड़े प्रसंगों को जीवंत करेंगे।
कार्यक्रम में भारतीय राज्यों की विविध लोककलाओं और रामायण की अलग-अलग सांस्कृतिक परंपराओं की झलक भी देखने को मिलेगी। रामलीला के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, उनके आदर्शों, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और धर्म की स्थापना के संदेश को प्रस्तुत किया जाएगा। विदेशी कलाकारों की सहभागिता से यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और रामायण की वैश्विक स्वीकार्यता को भी रेखांकित करेगा।
दीपोत्सव का एक प्रमुख आकर्षण राम कथा पार्क में आयोजित विशेष प्रदर्शनी होगी। इसमें अयोध्या के लगभग 500 वर्षों के इतिहास, धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं तथा श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदर्शनी के माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अयोध्या की ऐतिहासिक यात्रा तथा मंदिर निर्माण से संबंधित जानकारी प्राप्त होगी।
दीपोत्सव के आयोजन को सफल बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थलों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु उत्सव का आनंद सुरक्षित और सुगम तरीके से ले सकें।

उल्लेखनीय है कि अयोध्या का दीपोत्सव अब केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि यह भारतीय सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और वैश्विक स्तर पर रामायण परंपरा के प्रसार का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ी रामनगरी में दीपों का यह महापर्व भगवान श्रीराम के अयोध्या आगमन की स्मृति और अधर्म पर धर्म की विजय के शाश्वत संदेश को पुनः जीवंत करेगा।
