नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका ने विद्युत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा की। नई दिल्ली में आयोजित बैठक में दोनों देशों ने ऊर्जा साझेदारी, सीमा पार विद्युत व्यापार, नवीकरणीय ऊर्जा और ट्रांसमिशन अवसंरचना से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की।

बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केंद्रीय विद्युत एवं आवासन और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने किया, जबकि श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका के पत्तन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री तथा ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणातिलके ने किया।
दोनों मंत्रियों ने प्रस्तावित भारत-श्रीलंका एचवीडीसी इंटरकनेक्शन परियोजना और संपूर सोलर पावर प्रोजेक्ट सहित चल रही द्विपक्षीय ऊर्जा पहलों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में दोनों देशों ने क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देने के लिए सहयोग के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान सीमा पार विद्युत व्यापार को बढ़ावा देने, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के विस्तार, आधुनिक ट्रांसमिशन नेटवर्क के विकास और तकनीकी क्षमता निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों पक्षों ने ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।

भारतीय पक्ष ने ट्रांसमिशन सिस्टम के विकास में अपने अनुभव को साझा किया। इसमें सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (टीबीसीबी) व्यवस्था के माध्यम से ऊर्जा अवसंरचना विकसित करने के अनुभवों की जानकारी दी गई।
बैठक में दोनों देशों ने मौजूदा द्विपक्षीय तंत्रों के अंतर्गत हुई प्रगति की समीक्षा की और सतत विकास तथा क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा के लिए विद्युत क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने भारत और श्रीलंका के बीच लंबे समय से चली आ रही ऊर्जा साझेदारी के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग से ऊर्जा क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
श्रीलंका के ऊर्जा मंत्री अनुरा करुणातिलके ने भारत के निरंतर सहयोग और समर्थन की सराहना की। उन्होंने द्विपक्षीय ऊर्जा सहयोग को और विस्तार देने के लिए श्रीलंका की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
बैठक में विद्युत मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल सहित भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल में भारत में श्रीलंका की उच्चायुक्त महिशिनी कोलोन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
भारत और श्रीलंका के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है। प्रस्तावित विद्युत संपर्क परियोजनाएं और स्वच्छ ऊर्जा पहल भविष्य में दोनों देशों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ क्षेत्रीय ऊर्जा सहयोग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
