उकर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा (SSC CGL) 2026 के टियर-1 चरण की परीक्षा तिथियों की घोषणा कर दी है। जारी परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार SSC CGL 2026 टियर-1 परीक्षा 30 सितंबर से शुरू होकर 30 अक्टूबर 2026 तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा देशभर के निर्धारित केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBE) के रूप में आयोजित होगी। इस बार करीब 29 लाख अभ्यर्थियों के परीक्षा में शामिल होने की संभावना है।
SSC CGL देश की प्रमुख केंद्रीय सरकारी भर्ती परीक्षाओं में शामिल है। इसके माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में ग्रुप-B और ग्रुप-C के पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाता है। परीक्षा तिथि जारी होने के बाद अभ्यर्थियों के पास अपनी तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए स्पष्ट समय-सारिणी उपलब्ध हो गई है।
टियर-1 परीक्षा 30 सितंबर से 30 अक्टूबर तक अलग-अलग दिनों में आयोजित की जाएगी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को देखते हुए परीक्षा कई पालियों में आयोजित होने की व्यवस्था रहेगी। अलग-अलग दिनों और पालियों में परीक्षा होने के कारण अभ्यर्थियों के प्रदर्शन में समानता बनाए रखने के लिए आयोग की ओर से सामान्यीकरण प्रक्रिया अपनाई जाएगी। अभ्यर्थियों को अपनी निर्धारित परीक्षा तिथि, पाली और परीक्षा केंद्र की जानकारी आवेदन स्थिति तथा प्रवेश पत्र के माध्यम से मिलेगी।
टियर-1 परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे जाएंगे और प्रश्नपत्र 200 अंकों का होगा। इसमें सामान्य बुद्धिमत्ता एवं तर्कशक्ति, सामान्य जागरूकता, संख्यात्मक अभियोग्यता तथा अंग्रेजी समझ से 25-25 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक विषय के लिए 50 अंक निर्धारित हैं। परीक्षा की कुल अवधि 60 मिनट होगी। परीक्षा में सेक्शनल टाइमिंग लागू रहने के कारण अभ्यर्थियों को प्रत्येक विषय के लिए निर्धारित समय का प्रभावी इस्तेमाल करना होगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार अतिरिक्त समय का प्रावधान रहेगा।
SSC CGL टियर-1 में सामान्य बुद्धिमत्ता एवं तर्कशक्ति के अंतर्गत समानता, कोडिंग-डिकोडिंग, रक्त संबंध, श्रृंखला, वेन आरेख, दर्पण प्रतिबिंब और अन्य तार्किक प्रश्न पूछे जा सकते हैं। सामान्य जागरूकता में इतिहास, संस्कृति, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, सामान्य विज्ञान, समसामयिकी, पुरस्कार, खेल और महत्वपूर्ण दिवस जैसे विषय शामिल हैं।
संख्यात्मक अभियोग्यता में संख्या पद्धति, प्रतिशत, औसत, लाभ-हानि, छूट, ब्याज, समय-चाल-दूरी, समय एवं कार्य, बीजगणित, ज्यामिति, क्षेत्रमिति और त्रिकोणमिति जैसे टॉपिक महत्वपूर्ण हैं। वहीं अंग्रेजी समझ में रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, रिक्त स्थान, त्रुटि पहचान, समानार्थी एवं विलोम शब्द, मुहावरे, वन-वर्ड सब्स्टीट्यूशन, वाक्य सुधार और वाक्य पुनर्व्यवस्था से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को अब तैयारी के अंतिम चरण में मॉक टेस्ट, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और विषयवार रिवीजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। नियमित मॉक टेस्ट से परीक्षा की वास्तविक परिस्थितियों में समय प्रबंधन और प्रश्न हल करने की गति का अभ्यास किया जा सकता है। मॉक टेस्ट के बाद गलत प्रश्नों का विश्लेषण करना भी जरूरी है, ताकि बार-बार होने वाली गलतियों को कम किया जा सके।
अभ्यर्थियों को अंतिम दिनों में पूरा नया पाठ्यक्रम शुरू करने के बजाय पहले से पढ़े गए महत्वपूर्ण टॉपिक का दोहराव करना चाहिए। गणित के महत्वपूर्ण सूत्र, रीजनिंग के पैटर्न, अंग्रेजी के नियम और सामान्य जागरूकता के महत्वपूर्ण तथ्यों का त्वरित रिवीजन उपयोगी रहेगा। साथ ही, समसामयिकी से जुड़े महत्वपूर्ण घटनाक्रमों पर भी नजर बनाए रखना जरूरी है।
परीक्षा से पहले SSC की ओर से आवेदन स्थिति और परीक्षा शहर से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थियों को अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड करना होगा। परीक्षा केंद्र, तिथि और पाली की जानकारी प्रवेश पत्र में दी जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले नोटिस को नियमित रूप से देखते रहें और किसी अनधिकृत सूचना पर निर्भर न रहें।
SSC CGL भर्ती प्रक्रिया में टियर-1 के बाद टियर-2 परीक्षा आयोजित की जाएगी। टियर-1 में निर्धारित मानकों के अनुसार सफल अभ्यर्थी अगले चरण के लिए पात्र होंगे। टियर-2 में गणित, तर्कशक्ति, अंग्रेजी, सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर ज्ञान तथा निर्धारित पदों के अनुसार अन्य संबंधित परीक्षण शामिल हो सकते हैं। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन और संबंधित पदों के लिए आवश्यक अन्य प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।

SSC CGL 2026 टियर-1 परीक्षा 30 सितंबर से शुरू होने के साथ करीब 29 लाख अभ्यर्थियों के लिए प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण चरण शुरू होगा। परीक्षा तिथि स्पष्ट होने के बाद अब अभ्यर्थियों को समय का सही इस्तेमाल करते हुए रिवीजन, मॉक टेस्ट और प्रश्नपत्र अभ्यास पर फोकस करना चाहिए। परीक्षा केंद्र और निर्धारित पाली से संबंधित निर्देशों का पालन करते हुए अभ्यर्थियों को समय से पहले केंद्र पर पहुंचने की तैयारी भी करनी चाहिए।
