मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा कर संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाने के दिए निर्देश
11 एनडीआरएफ और 13 एसडीआरएफ टीमें तैनात, 171 राहत शिविरों के माध्यम से प्रभावितों तक पहुंचाई जा रही सहायता
छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम सामान्य, रायपुर में आज आंशिक बादल और बारिश की चेतावनी नहीं
विजयवाड़ा/रायपुर। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात मुरसु ने आंध्र प्रदेश के तटीय और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है। चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों में तेजी ला दी है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने तथा संवेदनशील एवं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार चक्रवात मुरसु ने 3 नवंबर की सुबह ओंगोल के आसपास दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट को पार किया। इस दौरान हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक रही और झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। इसके बाद चक्रवात कमजोर पड़ने लगा, लेकिन इसके प्रभाव से कई क्षेत्रों में भारी वर्षा, जलभराव और बाढ़ की स्थिति बनी रही।
12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
प्रशासन के अनुसार चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों से 12,230 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। प्रभावित जिलों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 11 और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की 13 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त अग्निशमन विभाग की 185 टीमें पेड़ हटाने, जलभराव दूर करने और आवागमन बहाल करने में जुटी हैं।
राज्य में 171 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। प्रभावित लोगों के लिए भोजन के 14,810 पैकेट वितरित किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। 725 चिकित्सा दल तैनात किए गए हैं और 362 एंबुलेंस को आपातकालीन सेवाओं के लिए तैयार रखा गया है। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार चक्रवात से लगभग 344 करोड़ रुपये की क्षति हुई है। करीब 52,459 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं और 312 मकानों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली आपूर्ति तथा यातायात प्रभावित हुआ है। रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों में समन्वय पर दिया जोर
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि लोगों की जान बचाना और प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिला कलेक्टरों, पुलिस, आपदा प्रबंधन दलों और अन्य विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में बिजली, पेयजल, सड़क और आवश्यक सेवाओं को शीघ्र बहाल करने पर भी जोर दिया है।
छत्तीसगढ़ में मौसम सामान्य रहने का पूर्वानुमान
इधर, छत्तीसगढ़ में आज मौसम की स्थिति अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के रायपुर केंद्र के अनुसार राजधानी रायपुर में बुधवार को आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान लगभग 23 डिग्री और अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। रायपुर के लिए इस दिन वर्षा की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 5 नवंबर से रायपुर में आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान 20 से 21 डिग्री और अधिकतम तापमान 31 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

इस प्रकार आंध्र प्रदेश में चक्रवात के बाद राहत और पुनर्बहाली का कार्य जारी है, वहीं छत्तीसगढ़ में फिलहाल बड़े वर्षा अलर्ट के संकेत नहीं हैं। नागरिकों को मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
